


@ डुमरांव के राज्य स्तरीय सेमिनार में उत्कृष्ट शैक्षणिक योगदान के लिए सात शिक्षक-शिक्षिकाओं को मिला ‘महर्षि विश्वामित्र गुरु सम्मान-2026’।
प्रदीप विद्रोही
भागलपुर। शिक्षा, संस्कृति, संस्कार और राष्ट्र निर्माण के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए भागलपुर के शिक्षक-शिक्षिकाओं को डुमराँव में आयोजित राज्य स्तरीय समारोह में सम्मानित किया गया। बक्सर जिले के डुमराँव में रविवार को विकास फैमिली क्लब एवं एक्टिव टीचर्स एंड स्टूडेंट्स ग्रुप के संयुक्त तत्वावधान में ‘शिक्षा, संस्कृति, संस्कार एवं राष्ट्र निर्माण’ विषय पर राज्य स्तरीय सेमिनार सह ‘महर्षि विश्वामित्र गुरु सम्मान-2026’ समारोह का आयोजन किया गया।

समारोह का उद्घाटन डुमरांव के महाराजा मान विजय सिंह, डुमरांव विधायक राहुल सिंह, डायट डुमरांव के प्राचार्य नवनीत सिंह एवं कार्यक्रम संयोजक मनोज मिश्रा ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर किया। कार्यक्रम में देश के विभिन्न राज्यों से पहुंचे शिक्षक-शिक्षिकाओं को शिक्षा में नवाचार, गुणवत्तापूर्ण शिक्षण तथा बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए किए गए उल्लेखनीय कार्यों के लिए सम्मानित किया गया।
भागलपुर के सात शिक्षकों को मिला सम्मान
समारोह में भागलपुर जिले के सात शिक्षक-शिक्षिकाओं को उनके उत्कृष्ट शैक्षणिक कार्यों के लिए प्रशस्ति-पत्र, स्मृति चिह्न, मोमेंटो एवं अंगवस्त्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। सम्मान पाने वालों में कहलगांव प्रखंड के प्रधान शिक्षक विवेकानंद सिंह एवं अर्जुन केशरी, शिक्षक डॉ. नयन तिवारी, गोराडीह प्रखंड के शिक्षक उत्तम कुमार, बिहपुर प्रखंड की शिक्षिका बिजली कुमारी, नवगछिया प्रखंड की प्रधान शिक्षिका अंजनी भारती तथा नाथनगर प्रखंड की शिक्षिका स्नेहलता द्विवेदी शामिल हैं।
समारोह में शिक्षाविदों ने शिक्षा में नवाचार, भारतीय संस्कृति एवं संस्कारों के संरक्षण तथा राष्ट्र निर्माण में शिक्षकों की भूमिका पर अपने विचार रखे। संस्था के संस्थापक मनोज मिश्रा ने सम्मानित शिक्षकों को बच्चों को बेहतर एवं गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने के लिए निरंतर समर्पण और रचनात्मकता के साथ कार्य करने का संकल्प दिलाया।
वक्ताओं ने कहा कि डुमरांव की यह पावन धरती महर्षि विश्वामित्र की कर्मभूमि रही है। मान्यता है कि इसी क्षेत्र में उन्होंने भगवान श्रीराम को शिक्षा एवं मार्गदर्शन प्रदान किया था। ऐसी ऐतिहासिक और गौरवशाली धरती पर गुरु सम्मान प्राप्त करना शिक्षकों के लिए विशेष गौरव का विषय है।
सम्मानित शिक्षक विवेकानंद सिंह ने कहा कि यह सम्मान उन्हें अपने शैक्षणिक दायित्वों को और अधिक प्रतिबद्धता एवं रचनात्मकता के साथ निभाने की प्रेरणा देगा। वहीं अर्जुन केशरी ने कहा कि शिक्षकों का सम्मान केवल व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं, बल्कि शिक्षा और समाज के प्रति उनके योगदान का सम्मान है।
समारोह ने शिक्षा, संस्कृति और संस्कारों के माध्यम से सशक्त समाज तथा बेहतर राष्ट्र निर्माण का संदेश दिया। भागलपुर के शिक्षकों को मिले इस सम्मान से जिले के शिक्षा जगत में भी हर्ष का माहौल है।
















