


नवगछिया। सावन मास की तीसरी सोमवारी पर नवगछिया के गोपाल गौशाला स्थित श्री श्री 108 जगतपति नाथ महादेव मंदिर में श्रद्धा, आस्था और भक्ति का अद्भुत संगम देखने को मिला। अहले सुबह से ही मंदिर में मिनी डाक बम, कांवरियों और स्थानीय श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी। हर-हर महादेव और बोल बम के जयघोष से पूरा मंदिर परिसर गुंजायमान रहा। श्रद्धालुओं ने भगवान भोलेनाथ का गंगाजल, दूध, दही, शहद, बेलपत्र, धतूरा और पुष्प अर्पित कर जलाभिषेक किया तथा परिवार की सुख-समृद्धि और क्षेत्र की खुशहाली की कामना की।

तीसरी सोमवारी के अवसर पर मंदिर में विशेष पूजा-अर्चना और रुद्राभिषेक का आयोजन किया गया। पंडित रंजन बाबा एवं पंडित अजीत बाबा के वैदिक मंत्रोच्चारण और शास्त्रोक्त विधि-विधान के बीच भगवान जगतपति नाथ महादेव का अभिषेक कराया गया। धार्मिक अनुष्ठान के दौरान मंदिर परिसर में भक्तिमय वातावरण बना रहा। भगवान भोलेनाथ का आकर्षक श्रृंगार भी किया गया, जिसके दर्शन के लिए दिनभर श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा।
संध्या आरती के बाद मंदिर परिसर में चंदन म्यूजिकल ग्रुप की ओर से भव्य भजन संध्या का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में डॉ. गोपाल भारती और चंदन म्यूजिकल ग्रुप के चंदन कुमार ने भगवान शिव की भक्ति से ओत-प्रोत एक से बढ़कर एक भजनों की प्रस्तुति देकर श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया। शिव वंदना से शुरू हुई भजन संध्या जैसे-जैसे आगे बढ़ी, श्रद्धालु भक्ति के रंग में सराबोर होते गए। भोलेनाथ के भजनों पर कहीं श्रद्धालु झूमते नजर आए तो कहीं हाथ जोड़कर भगवान की आराधना करते दिखे। देर रात तक मंदिर परिसर शिवभक्ति में डूबा रहा और तालियों एवं जयघोष से वातावरण गूंजता रहा।
आयोजन के दौरान मंदिर परिसर को आकर्षक ढंग से सजाया गया था। शाम ढलते ही रोशनी और फूलों से सजा मंदिर श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र बना रहा। बड़ी संख्या में पहुंचे भक्तों ने पूजा-अर्चना के साथ भजन संध्या का आनंद लिया। सावन की तीसरी सोमवारी पर आयोजित धार्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम ने पूरे क्षेत्र को भक्तिमय बना दिया।
मंदिर समिति से जुड़े सदस्यों, पुजारियों, सेवाभावी कार्यकर्ताओं और स्थानीय श्रद्धालुओं ने आयोजन को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। पूरे दिन मंदिर में श्रद्धालुओं की आवाजाही बनी रही और देर रात तक हर-हर महादेव, बोल बम के जयकारों के बीच कार्यक्रम संपन्न हुआ। तीसरी सोमवारी का यह आयोजन श्रद्धालुओं के लिए आस्था, भक्ति और आध्यात्मिक आनंद से भरा यादगार अवसर बन गया।
















