


विद्यार्थियों और कर्मियों को आपदा की स्थिति में सुरक्षित निकासी एवं अग्निशमन के उपायों की दी गई जानकारी
पूर्णिया। जीडी गोयनका पब्लिक स्कूल, पूर्णिया में विद्यार्थियों एवं विद्यालय कर्मियों को आपातकालीन परिस्थितियों में सुरक्षित और त्वरित प्रतिक्रिया के लिए तैयार करने के उद्देश्य से आपातकालीन निकासी एवं अग्नि सुरक्षा अभ्यास आयोजित किया गया। अभ्यास के दौरान विद्यार्थियों और शिक्षकों को आग अथवा किसी अन्य आपात स्थिति में घबराए बिना शांतिपूर्वक एवं अनुशासित तरीके से निर्धारित सुरक्षा प्रक्रियाओं का पालन करते हुए भवन से सुरक्षित बाहर निकलने का प्रशिक्षण दिया गया। इस दौरान स्पष्ट संचार, त्वरित प्रतिक्रिया, सुरक्षित निकासी तथा सभी कक्षाओं एवं विभागों की जवाबदेही पर विशेष जोर दिया गया।

कार्यक्रम में पूर्णिया जिला प्रशासन के एडीएमओ प्रणव कुमार की उपस्थिति रही। राज्य आपदा मोचन बल की टीम से मनोज कुमार, राज वर्धन कुमार, प्रमोद कुमार राम एवं रोशनी कुमारी तथा जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण, पूर्णिया के प्रोग्रामर एवं समन्वयक गौरव कुमार भी मौजूद रहे। जिला अग्निशमन कार्यालय, पूर्णिया की टीम ने विद्यार्थियों और विद्यालय कर्मचारियों को अग्नि सुरक्षा से जुड़े महत्वपूर्ण उपायों की जानकारी दी। टीम ने आपातकाल के दौरान सुरक्षित निकासी, अग्निशमन उपकरणों के सही उपयोग और संकट की स्थिति में त्वरित एवं प्रभावी प्रतिक्रिया का व्यावहारिक प्रदर्शन किया।
अग्निशमन विभाग की टीम में उपनिरीक्षक रंजीत कुमार के साथ अशोक कुमार, सुनील कुमार, मो. सफीउल्लाह, मो. तिशान खान, सुमित कुमार, विजय राजक, नंद किशोर कुमार, रूपेश कुमार, माणिक लाल, सोनी कुमारी एवं निशा भारती शामिल रहे। कार्यक्रम का सफल संचालन एवं मंच संचालन रीमा मुखर्जी ने किया।
इस अवसर पर विद्यालय की निदेशक-प्रधानाचार्या पुलोमा नंदी, उप-प्रधानाचार्य राज कुमार दास, प्रशासक प्रीतम दास, वरिष्ठ शैक्षणिक समन्वयक त्रिबेनी पांडेय, जनसंपर्क अधिकारी राहुल शांडिल्य, चेयरमैन की निजी सहायक सह मानव संसाधन विभाग की प्रमुख प्रीति अग्रवाल सहित समन्वयक, शिक्षक एवं विद्यार्थी उपस्थित रहे।
विद्यालय की निदेशक-प्रधानाचार्या पुलोमा नंदी ने जिला प्रशासन, राज्य आपदा मोचन बल, जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण एवं अग्निशमन विभाग की टीम के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस तरह के अभ्यास विद्यार्थियों में सुरक्षा के प्रति जागरूकता, आत्मविश्वास और जिम्मेदारी की भावना विकसित करते हैं। नियमित सुरक्षा अभ्यास वास्तविक आपदा की स्थिति में जान-माल की सुरक्षा सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
अभ्यास के दौरान विद्यार्थियों एवं शिक्षकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और आपातकालीन परिस्थितियों में सुरक्षित व्यवहार तथा निकासी की प्रक्रिया का प्रशिक्षण लिया। विद्यालय प्रबंधन ने विद्यार्थियों की सुरक्षा एवं जागरूकता को प्राथमिकता देते हुए भविष्य में भी ऐसे सुरक्षा प्रशिक्षण और जागरूकता कार्यक्रम नियमित रूप से आयोजित करने की प्रतिबद्धता जताई।
















