


पूर्णिया विश्वविद्यालय अध्यक्ष पीयूष पुजारा सहित कई नेताओं को पुलिस ने किया डिटेन
पटना। राष्ट्रीय जनता दल की ओर से आयोजित राजभवन मार्च के दौरान बुधवार को पटना में राजनीतिक गतिविधियां तेज रहीं। नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव के नेतृत्व में निकाले गए मार्च में राज्य के विभिन्न हिस्सों से पहुंचे सैकड़ों कार्यकर्ताओं और नेताओं ने हिस्सा लिया। इसी क्रम में पूर्णिया विश्वविद्यालय के अध्यक्ष पीयूष पुजारा के नेतृत्व में दर्जनों कार्यकर्ता भी मार्च में शामिल हुए और सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया।
राजभवन की ओर बढ़ रहे प्रदर्शनकारियों को पुलिस प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनजर रास्ते में ही रोक दिया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच स्थिति तनावपूर्ण हो गई। पुलिस ने कई नेताओं और कार्यकर्ताओं को डिटेन किया। इसी क्रम में तेजस्वी यादव के साथ पूर्णिया विश्वविद्यालय अध्यक्ष पीयूष पुजारा और चाहत यादव को भी पुलिस ने हिरासत में लिया। पुलिस कार्रवाई के बाद मौके पर कुछ समय के लिए तनाव की स्थिति बनी रही, हालांकि बाद में स्थिति सामान्य हो गई।

राजद की ओर से आयोजित राजभवन मार्च राज्य में हाल की घटनाओं और कानून-व्यवस्था की स्थिति को लेकर सरकार के खिलाफ विरोध दर्ज कराने के उद्देश्य से निकाला गया था। मार्च में शामिल कार्यकर्ताओं ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए अपनी मांगों को लेकर आवाज बुलंद की। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि राज्य में कानून-व्यवस्था की स्थिति चिंताजनक है और आम जनता खुद को असुरक्षित महसूस कर रही है।
मार्च का नेतृत्व कर रहे नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि बिहार में अपराध चरम पर है और सरकार कानून-व्यवस्था संभालने में विफल साबित हुई है। उन्होंने कहा कि छात्रों और युवाओं की आवाज को दबाने के लिए प्रशासन का इस्तेमाल किया जा रहा है। राजद जनता के अधिकारों के लिए संघर्ष करता रहेगा। उन्होंने शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखने वाले कार्यकर्ताओं को डिटेन किए जाने पर भी सवाल उठाया और सरकार से कानून-व्यवस्था में सुधार तथा दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
वहीं पूर्णिया विश्वविद्यालय के अध्यक्ष पीयूष पुजारा ने कहा कि छात्र और युवा समाज की आवाज को लेकर सड़क पर उतरे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार उनकी मांगों को नजरअंदाज कर रही है। पुजारा ने कहा कि शांतिपूर्ण मार्च में शामिल होने के बावजूद उन्हें डिटेन किया गया, जो लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रखने के अधिकार पर सवाल खड़ा करता है। उन्होंने कहा कि छात्र और युवा अपने अधिकारों को लेकर संघर्ष जारी रखेंगे।
राजभवन मार्च के दौरान पुलिस की कार्रवाई के बाद राज्य का राजनीतिक माहौल गरमा गया है। विपक्ष की ओर से सरकार पर लगातार हमला बोला जा रहा है, जबकि सत्तापक्ष की ओर से भी इस मामले पर प्रतिक्रिया सामने आने की उम्मीद है। प्रदर्शन और पुलिस कार्रवाई को लेकर आने वाले दिनों में राजनीतिक बयानबाजी तेज होने की संभावना है।
















