


भागलपुर। बाईपास थाना परिसर से फरार हुआ मवेशी लदा ट्रक पुलिस ने करीब चार घंटे की मशक्कत के बाद सहरसा जिले से बरामद कर लिया। मामले में ड्यूटी पर तैनात एएसआई नीरज कुमार को प्रथमदृष्टया लापरवाही बरतने के आरोप में भागलपुर एसएसपी प्रमोद कुमार यादव ने तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई भी शुरू कर दी गई है।

पुलिस के अनुसार, 20 अगस्त की देर शाम गुप्त सूचना के आधार पर बाईपास थाना क्षेत्र में मवेशी लदे एक ट्रक को पकड़ा गया था। पुलिस ने वाहन को बाईपास थाना परिसर में खड़ा कराया था और उसकी निगरानी की जिम्मेदारी एएसआई नीरज कुमार को सौंपी गई थी। थानाध्यक्ष विकास कुमार को भी पूरे मामले की जानकारी दी गई थी।
इसी दौरान मौका पाकर मवेशी लदा ट्रक थाना परिसर से निकल गया। ट्रक के फरार होने की जानकारी मिलने के बाद चौकीदार ने तत्काल पुलिस अधिकारियों को इसकी सूचना दी। इसके बाद थानाध्यक्ष ने मामले की जानकारी वरीय अधिकारियों को दी। घटना की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी प्रमोद कुमार यादव ने तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए।
एसएसपी के निर्देश पर टीम गठित कर शुरू हुई तलाश
एसएसपी के निर्देश पर नगर पुलिस अधीक्षक की निगरानी में पुलिस टीम का गठन किया गया। थानाध्यक्ष विकास कुमार के नेतृत्व में पुलिस टीम ने फरार ट्रक की तलाश शुरू की और उसके संभावित मार्गों पर निगरानी बढ़ाई गई। पुलिस टीम ने वाहन का पीछा करते हुए लगातार कार्रवाई की।
करीब चार घंटे की मशक्कत के बाद पुलिस ने रात करीब 12 बजे सहरसा जिले के इलाके से फरार ट्रक को बरामद कर लिया। इसके बाद पुलिस ने ट्रक को अपने कब्जे में लेकर उससे जुड़े तथ्यों की जांच शुरू कर दी।
ट्रक में मिले 30 मवेशी
बाईपास थानाध्यक्ष विकास कुमार के अनुसार, बरामद ट्रक में कुल 30 मवेशी पाए गए। इनमें से चार मवेशियों की मौत हो चुकी थी। मृत मवेशियों को दफना दिया गया है। पुलिस अब बरामद मवेशियों, ट्रक से संबंधित दस्तावेजों तथा पूरे मामले से जुड़े अन्य तथ्यों की जांच कर रही है।
एएसआई पर विभागीय कार्रवाई शुरू
थाना परिसर से वाहन के फरार होने के मामले में ड्यूटी पर तैनात एएसआई नीरज कुमार पर लापरवाही का आरोप लगा है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, प्रथमदृष्टया लापरवाही सामने आने के बाद एसएसपी प्रमोद कुमार यादव ने उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। निलंबन के साथ ही उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई भी शुरू कर दी गई है।
स्थानीय लोगों ने भी उठाए सवाल
घटना के बाद स्थानीय लोगों ने नाम और कैमरे पर नहीं आने की शर्त पर पुलिस की कार्यशैली को लेकर सवाल उठाए हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि कुछ तथाकथित यूट्यूबर पत्रकारिता की आड़ में मवेशी तस्करी से जुड़े पासर गिरोह के संपर्क में सक्रिय हैं। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
लोगों ने रिंकू होटल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज की जांच कराने की मांग की है, ताकि ट्रक के थाना परिसर से निकलने से पहले और बाद की गतिविधियों की जानकारी सामने आ सके। अब पुलिस इस पहलू को भी जांच के दायरे में लेती है या नहीं, यह जांच के आगे बढ़ने के बाद स्पष्ट होगा।
पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी है। बरामद ट्रक, उसमें मिले मवेशियों, दस्तावेजों तथा वाहन के थाना परिसर से फरार होने की परिस्थितियों की पड़ताल की जा रही है। साथ ही यह भी पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि इस मामले में किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका थी या नहीं।
















