


@ गंगा का जलस्तर भले ही नीचे जा रहा हो, लेकिन तटवर्ती गांवों में कटाव का तांडव अब भी जारी है। इंगलिश फरका और राघोपुर के ग्रामीणों के लिए नदी की तेज धार अब भी किसी बड़े खतरे से कम नहीं है। तटीय वार्ड 3, 7 और 8 पर खतरा मंडरा रहा है।
प्रदीप विद्रोही
भागलपुर। गंगा की तेज धारा और लगातार हो रहे कटाव ने भागलपुर जिले के सबौर प्रखंड स्थित इंगलिश फरका गांव के लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। गांव के वार्ड नंबर 3 में गंगा का कटाव तेजी से जारी है। नदी की तेज धारा और थपेड़ों के कारण अब तक करीब दस पक्के घर गंगा की आगोश में समा चुके हैं। अचानक बढ़े कटाव से ग्रामीणों में दहशत का माहौल है। तटीय वार्ड 3, 7 और 8 पर खतरा मंडरा रहा है। कटाव की रफ्तार को देखते हुए इन वार्डों की करीब पांच हजार की आबादी भयभीत है।ग्रामीणों के मुताबिक वर्ष 2021 से कटाव का दंश झेल रहे इन तटीय वार्डों में अभी तक कटावरोधी कार्य शुरू नहीं हुआ है।
कटाव की भयावह स्थिति के बीच ग्रामीणों की रातें डर के साये में गुजर रही हैं। लोग अपने घरों और आसपास के इलाके की निगरानी के लिए रतजगा कर रहे हैं। ग्रामीणों को डर है कि कब गंगा की धारा उनके घर तक पहुंच जाए और कब उनका आशियाना नदी में समा जाए। ग्रामीणों का कहना है कि दिन के मुकाबले रात में कटाव की स्थिति और अधिक डरावनी महसूस होती है। फरका पंचायत के मुखिया राजेंद्र मंडल ने बताया कि गंगा किनारे करीब 50 घर हैं। इससे सटे वार्ड 3, 7 और 8 की आबादी करीब पांच हजार है। सभी खतरे की जद में हैं। कटाव बदस्तूर जारी है। भोर के धुंधलके में, यानी करीब तीन बजे सुबह, अचानक कटाव शुरू हुआ और कई घर गंगा में समा गए। नींद में सो रहे लोग जान बचाकर घर से बाहर भागे। घर में रखा सामान भी नहीं निकाल पाए। कटाव पीड़ित राधे साव और श्रवण साव को फिलहाल पंचायत भवन में पनाह दी गई है। उनके भोजन की भी व्यवस्था कर दी गई है।

भागलपुर में गंगा के जलस्तर में भले ही गिरावट दर्ज की जा रही हो, लेकिन नदी के आर-पार के इलाकों में कटाव का संकट कम नहीं हुआ है। कई दिनों तक उफान पर रहने के बाद भागलपुर में गंगा का जलस्तर अब घटने लगा है। शनिवार से शुरू हुई गिरावट रविवार सुबह तक जारी रही। रविवार सुबह छह बजे भागलपुर गेज पर गंगा का जलस्तर 33.46 मीटर दर्ज किया गया। शनिवार सुबह की तुलना में जलस्तर करीब छह सेंटीमीटर कम हुआ है। जलस्तर घटने से तटवर्ती क्षेत्रों के लोगों ने राहत की सांस ली है, लेकिन निचले इलाकों में पहले से फैला बाढ़ का पानी अब भी परेशानी का कारण बना हुआ है। कई क्षेत्रों में पानी निकलने की रफ्तार काफी धीमी है।
ग्रामीणों का कहना है कि जलस्तर में कमी से उन्हें थोड़ी राहत की उम्मीद थी, लेकिन कटाव ने उनकी चिंता और बढ़ा दी है।
कटाव की समस्या केवल इंगलिश फरका तक सीमित नहीं है। गंगा पार दो-दो मंत्रियों का घर और इलाका राघोपुर में भी गंगा का कटाव लगातार जारी है। कटाव रोकने के लिए तमाम प्रयास किए जाने के बावजूद नदी की धारा के सामने इंतजाम बेअसर नजर आ रहे हैं। गंगा की तेज धारा लगातार घर और जमीन को काट रही है। इससे ग्रामीणों के बीच भविष्य को लेकर चिंता बढ़ती जा रही है।

राघोपुर में पिछले पांच दिनों में करीब 200 मीटर तटबंध क्षतिग्रस्त हो चुका है। गांव के बेहद करीब गंगा की धारा पहुंच चुकी है। 500 से अधिक मजदूर, तीन लाख बालू भरे बोरे और 30 नावों से युद्धस्तर पर फ्लड फाइटिंग का कार्य जारी है। विक्रमशिला सेतु के अपस्ट्रीम में बढ़ा गंगा का दबाव, अचानक धसान और बदलती धारा चुनौती बन चुकी है।
















