


प्रदीप विद्रोही
भागलपुर। शहर में किसी आपात स्थिति की सूचना मिलते ही पुलिस की मदद कितनी तेजी से घटनास्थल तक पहुंचेगी, इसे लेकर पुलिस प्रशासन ने डायल-112 के चालकों की जिम्मेदारी तय करते हुए उन्हें कई अहम दिशा-निर्देश दिए हैं। वरीय पुलिस अधीक्षक प्रमोद कुमार यादव और नगर पुलिस अधीक्षक अतुलेश झा ने स्मार्ट सिटी भागलपुर के सभागार में डायल-112 के चालकों के साथ बैठक कर त्वरित रिस्पॉन्स को सर्वोच्च प्राथमिकता देने को कहा।

बैठक में स्पष्ट किया गया कि डायल-112 पर मिलने वाली आपातकालीन सूचना के बाद घटनास्थल तक पहुंचने में अनावश्यक देरी नहीं होनी चाहिए। चालकों को सतर्क रहते हुए कम से कम समय में मौके पर पहुंचने और जरूरतमंदों को तत्काल पुलिस सहायता उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया।
पुलिस अधिकारियों ने चालकों को यह भी समझाया कि आपात स्थिति में पुलिस की पहली छवि डायल-112 की टीम के व्यवहार से बनती है। इसलिए घटनास्थल पर पहुंचने के बाद आम लोगों के साथ संवेदनशील, संयमित और सहयोगात्मक व्यवहार किया जाए।
वरीय अधिकारियों ने कर्तव्य के दौरान चालकों से पूरी जिम्मेदारी और सतर्कता बरतने की अपेक्षा जताई। खासकर आपात परिस्थितियों में तेजी से निर्णय लेकर प्रभावी पुलिस सहायता उपलब्ध कराने पर जोर दिया गया।
बैठक का मूल संदेश साफ रहा -.

आपातकालीन कॉल मिलने के बाद सिर्फ गाड़ी भेजना पर्याप्त नहीं, बल्कि सही समय पर सही जगह पहुंचकर प्रभावी मदद देना डायल-112 की असली कसौटी है।
















