


@ स्कूलों में पानी घुसा तो बदला पढ़ाई का ठिकाना, छह प्रखंडों के विद्यालय दूसरे स्कूलों से टैग; शिक्षक और बच्चे अब वहीं लगाएंगे हाजिरी।
प्रदीप विद्रोही
भागलपुर। गंगा और कोसी के बढ़ते जलस्तर ने इस बार सिर्फ घरों और सड़कों को ही नहीं, बल्कि स्कूलों की घंटी को भी रोक दिया है। जिले के छह प्रखंडों के 26 सरकारी विद्यालय बाढ़ की चपेट में आ गए हैं। कहीं स्कूल परिसर में पानी भर गया है तो कहीं विद्यालय तक पहुंचने का रास्ता बाधित है। ऐसे में हजारों बच्चों की पढ़ाई पटरी से उतर गई है।
बाढ़ की स्थिति को देखते हुए शिक्षा विभाग ने प्रभावित विद्यालयों को दूसरे नजदीकी विद्यालयों से टैग कर वैकल्पिक शिक्षण व्यवस्था शुरू की है। अब इन स्कूलों के शिक्षक और विद्यार्थी टैग किए गए विद्यालयों में पहुंचकर पढ़ाई करेंगे। विभाग के इस कदम से पढ़ाई पूरी तरह बंद होने से तो बच गई है, लेकिन बाढ़ के बीच बच्चों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करना अब भी बड़ी चुनौती है।

सुल्तानगंज, रंगरा चौक, नाथनगर, नारायणपुर, इस्माइलपुर और गोपालपुर के प्रभावित विद्यालयों में पढ़ने वाले करीब छह हजार से अधिक बच्चों की शिक्षा प्रभावित हुई है। वैकल्पिक व्यवस्था के बावजूद बाढ़ग्रस्त क्षेत्रों में आवागमन की समस्या के कारण बच्चों और शिक्षकों को टैग किए गए विद्यालयों तक पहुंचाना आसान नहीं है।
शिक्षा विभाग ने शिक्षकों को बच्चों और अभिभावकों से लगातार संपर्क में रहने का निर्देश दिया है। साथ ही स्थानीय प्रशासन के साथ समन्वय कर सुरक्षा और राहत कार्यों में सहयोग करने को कहा गया है।
पढ़ाई के साथ बच्चों की सुरक्षा भी प्राथमिकता
बाढ़ प्रभावित विद्यालयों में सिर्फ पठन-पाठन ही नहीं, बल्कि बच्चों की सुरक्षा और बुनियादी सुविधाओं पर भी नजर रखी जा रही है। विद्यालयों में प्राथमिक उपचार किट, खाद्यान्न, स्वच्छ पेयजल और साफ-सफाई की व्यवस्था सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है। जिला शिक्षा पदाधिकारी ने सभी प्रखंड शिक्षा पदाधिकारियों को बाढ़ प्रभावित विद्यालयों पर विशेष निगरानी रखने को कहा है, ताकि किसी भी तरह की समस्या सामने आने पर तत्काल कार्रवाई की जा सके।

विभाग की ओर से कई प्रभावित विद्यालयों को दूसरे स्कूलों से टैग किया गया है। इनमें प्राथमिक विद्यालय बोचाही दियारा को प्राथमिक विद्यालय बोचाही, मध्य विद्यालय बासगरा और प्राथमिक विद्यालय विनोबा टोला को मध्य विद्यालय मोती टोला, मध्य विद्यालय मदहट टोला को मध्य विद्यालय छोटू सिंह टोला तथा प्राथमिक विद्यालय मेघल टोला को प्राथमिक विद्यालय डोमासी टोला से जोड़ा गया है।
इसी तरह हाई स्कूल दुधैला को हाई स्कूल नारायणपुर, मध्य विद्यालय दुधैला को मध्य विद्यालय बलाहा पूरब, मध्य विद्यालय दुधैला-02 को प्राथमिक विद्यालय नथनाना अनुसूचित जाति टोला, प्राथमिक विद्यालय कसमाबाद को प्राथमिक विद्यालय रामुचक बलाहा और प्राथमिक विद्यालय गोपालपुर को प्राथमिक विद्यालय मंडल टोला भवानीपुर से टैग किया गया है।
फिलहाल शिक्षा विभाग ने स्कूलों की पढ़ाई को पूरी तरह ठप होने से बचाने के लिए वैकल्पिक व्यवस्था जरूर कर दी है, लेकिन बाढ़ की स्थिति सामान्य होने तक बच्चों की नियमित पढ़ाई विभाग के लिए चुनौती बनी रहेगी। पानी उतरने के बाद ही इन विद्यालयों में फिर से पहले जैसी रौनक और स्कूल की घंटी लौट सकेगी।
















