


भीषण कटाव से दुर्गा और हनुमान मंदिर ध्वस्त, तटबंध भी प्रभावित; पथ निर्माण मंत्री ई. कुमार शैलेंद्र ने मौके पर पहुंचकर अधिकारियों को दिए निर्देश
भागलपुर । गंगा नदी के लगातार बढ़ते कटाव ने नवगछिया के राघोपुर इलाके में लोगों की चिंता बढ़ा दी है। राघोपुर में कटाव की स्थिति लगातार गंभीर होती जा रही है। तेज कटाव की चपेट में आने से तटबंध के साथ दुर्गा मंदिर और हनुमान मंदिर भी ध्वस्त हो चुके हैं। अब कटाव का खतरा रेलवे लाइन की ओर बढ़ने से इलाके में चिंता और बढ़ गई है।

बिगड़ती स्थिति के बीच बिहार सरकार के पथ निर्माण मंत्री एवं क्षेत्रीय विधायक ई. कुमार शैलेंद्र ने राघोपुर पहुंचकर कटाव प्रभावित क्षेत्र का जायजा लिया। उन्होंने मौके पर मौजूद अभियंताओं एवं अधिकारियों से कटाव की वर्तमान स्थिति की जानकारी ली तथा बचाव एवं कटावरोधी कार्यों को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
मौके पर अधिकारियों से ली कटाव की जानकारी
मंत्री ने प्रभावित इलाके का निरीक्षण करते हुए गंगा की तेज धार और कटाव की स्थिति का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने अभियंताओं से अब तक किए गए बचाव कार्यों और आगे की रणनीति के बारे में जानकारी ली।
मंत्री ने कहा कि गंगा लगातार अपना रास्ता बना रही है और इस चुनौती के बीच प्रशासन एवं संबंधित विभागों को पूरी तत्परता से काम करना होगा। उन्होंने कहा कि कटाव को रोकने तथा संवेदनशील क्षेत्रों को सुरक्षित रखने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।
मंदिरों के बाद अब रेलवे लाइन की सुरक्षा बड़ी चुनौती

राघोपुर में कटाव की भयावहता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इसकी चपेट में आने से धार्मिक स्थलों को भी नुकसान पहुंच चुका है। दुर्गा मंदिर और हनुमान मंदिर के ध्वस्त होने के बाद अब रेलवे लाइन की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है।
रेलवे लाइन के आसपास कटाव बढ़ने की स्थिति में रेल परिचालन और आसपास के क्षेत्रों पर भी इसका असर पड़ सकता है। ऐसे में रेलवे लाइन को सुरक्षित रखना प्रशासन एवं संबंधित विभागों के लिए बड़ी चुनौती बन गया है।
मंत्री ने रेलवे लाइन को कटाव से बचाने को लेकर कहा कि स्थिति को स्थिर करने के लिए हरसंभव प्रयास किए जाएंगे। उन्होंने मौके की गंभीरता को देखते हुए बचाव कार्य में तेजी लाने की बात कही।
कटाव प्रभावितों के लिए जर्मन हैंगर टेंट की तैयारी
कटाव के कारण प्रभावित परिवारों के पलायन की स्थिति को देखते हुए उनके रहने और भोजन की व्यवस्था करने की भी तैयारी की जा रही है। मंत्री ने बताया कि प्रभावित लोगों के लिए जर्मन हैंगर टेंट लगाए जाने की तैयारी की जा रही है।
उन्होंने कहा कि इस संबंध में कई एजेंसियों से बातचीत की गई है, ताकि प्रभावित परिवारों को तत्काल सुरक्षित स्थान और आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकें। प्रशासन की प्राथमिकता फिलहाल लोगों को सुरक्षित रखना और उन्हें राहत उपलब्ध कराना है।
“गंगा अपना रास्ता बना रही है, अब हमें संघर्ष करना है”
निरीक्षण के दौरान मंत्री ई. कुमार शैलेंद्र ने कहा कि गंगा अपना रास्ता बना रही है और अब प्रशासन तथा लोगों को मिलकर इस चुनौती का सामना करना है। उन्होंने कहा कि कटाव को नियंत्रित करने के लिए लगातार काम किया जा रहा है और स्थिति को स्थिर करने के प्रयास जारी हैं।
रेलवे लाइन की सुरक्षा के सवाल पर मंत्री ने अपने संबोधन में कहा, “मां दुर्गा और बजरंगबली ने आहुति दे दी, अब हम लोग सर्वाइव करेंगे और इसे स्टेबल भी करेंगे।”
मंत्री के इस बयान के बाद स्पष्ट है कि प्रशासन के सामने अब सबसे बड़ी चुनौती राघोपुर में बढ़ते कटाव को नियंत्रित करना और संवेदनशील इलाकों के साथ रेलवे लाइन को सुरक्षित रखना है।
लोगों की निगाहें अब बचाव कार्य पर
राघोपुर में लगातार बढ़ते कटाव ने स्थानीय लोगों की चिंता बढ़ा दी है। धार्मिक स्थलों के ध्वस्त होने और रेलवे लाइन पर मंडराते खतरे के बीच ग्रामीणों को अब किसी बड़े नुकसान की आशंका सता रही है।
स्थानीय लोगों की उम्मीदें अब प्रशासन द्वारा किए जा रहे कटावरोधी एवं राहत कार्यों पर टिकी हैं। आने वाले दिनों में गंगा के जलस्तर और कटाव की स्थिति पर प्रशासन की लगातार निगरानी महत्वपूर्ण होगी।
















