


पूर्णिया । गुलाबबाग गोलंबर पर प्रस्तावित ‘लोटस फाउंटेन’ के निर्माण को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। प्रस्ताव के विरोध में स्थानीय स्तर पर आवाज तेज होने लगी है। शुक्रवार की शाम एससी-एसटी समाज के प्रतिनिधियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने प्रस्ताव पर आपत्ति जताते हुए गोलंबर पर संविधान निर्माता डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा स्थापित करने की मांग उठाई।

विरोध कार्यक्रम का नेतृत्व एससी-एसटी के राष्ट्रीय संयोजक विक्रम पासवान ने किया। उनके साथ राजद के युवा नेता पीयूष पुजारा सहित सामाजिक कार्यकर्ता और स्थानीय लोग मौजूद रहे। प्रदर्शनकारियों ने प्रस्तावित निर्माण को लेकर अपनी आपत्ति दर्ज कराते हुए कहा कि गुलाबबाग गोलंबर जैसे सार्वजनिक स्थल पर किसी राजनीतिक दल के चुनाव चिन्ह से जुड़े निर्माण के बजाय समाज के लिए प्रेरणास्रोत महापुरुष की प्रतिमा स्थापित की जानी चाहिए।
‘गुलाबबाग गोलंबर पूरे समाज का स्थल’
प्रदर्शन के दौरान वक्ताओं ने कहा कि गुलाबबाग गोलंबर पूर्णिया शहर के प्रमुख स्थलों में से एक है और यहां प्रतिदिन बड़ी संख्या में लोगों की आवाजाही होती है। ऐसे सार्वजनिक स्थल पर ऐसा प्रतीक होना चाहिए, जो किसी एक राजनीतिक दल तक सीमित न होकर पूरे समाज का प्रतिनिधित्व करे।
इसी क्रम में प्रदर्शनकारियों ने डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा स्थापित करने की मांग को प्रमुखता से उठाया। उनका कहना था कि बाबा साहेब ने समानता, सामाजिक न्याय और अधिकारों के लिए संघर्ष किया तथा देश को संविधान दिया। ऐसे में उनकी प्रतिमा स्थापित होने से सामाजिक समरसता और नई पीढ़ी को सकारात्मक संदेश मिल सकता है।

कई वर्ष पहले भी आवेदन देने का दावा
एससी-एसटी के राष्ट्रीय संयोजक विक्रम पासवान ने कहा कि वे किसी भी राजनीतिक प्रतीक के सार्वजनिक स्थल पर निर्माण का विरोध करते हैं। उन्होंने दावा किया कि अंबेडकर प्रतिमा स्थापित करने की मांग को लेकर कई वर्ष पहले भी संबंधित अधिकारियों को आवेदन दिया गया था, लेकिन अब तक इस पर कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया।
उन्होंने कहा कि प्रशासन और सरकार को इस विषय को गंभीरता से लेते हुए आम लोगों की भावनाओं को ध्यान में रखकर निर्णय लेना चाहिए।
पीयूष पुजारा बोले—मांग नहीं मानी तो आंदोलन होगा व्यापक
राजद युवा नेता पीयूष पुजारा ने कहा कि गुलाबबाग गोलंबर पूर्णिया का महत्वपूर्ण स्थल है। उनके अनुसार, यहां किसी राजनीतिक दल के चुनाव चिन्ह से जुड़ा निर्माण किए जाने के बजाय डॉ. अंबेडकर की प्रतिमा स्थापित की जानी चाहिए।
उन्होंने दावा किया कि इस मांग को लेकर पहले भी आवेदन दिया जा चुका है और अब एक बार फिर प्रशासन का ध्यान इस ओर आकृष्ट कराया गया है। पुजारा ने कहा कि यदि मांग पर प्रशासन की ओर से विचार नहीं किया गया तो आने वाले दिनों में आंदोलन को व्यापक रूप दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि फिलहाल वे लोकतांत्रिक तरीके से अपनी मांग प्रशासन के समक्ष रख रहे हैं।
प्रशासन के अगले कदम पर टिकी निगाहें
‘लोटस फाउंटेन’ के प्रस्ताव और उसके विरोध में उठी आवाज के बाद अब प्रशासन की ओर से क्या कदम उठाया जाता है, इस पर लोगों की नजर है। एक ओर प्रस्तावित निर्माण को लेकर चर्चा है, वहीं दूसरी ओर अंबेडकर प्रतिमा स्थापित करने की मांग ने मुद्दे को राजनीतिक और सामाजिक बहस के केंद्र में ला दिया है।
फिलहाल गुलाबबाग गोलंबर पर प्रस्तावित ‘लोटस फाउंटेन’ के विरोध और अंबेडकर प्रतिमा की मांग को लेकर पूर्णिया में स्थानीय स्तर पर बहस तेज हो गई है।
















