


पूर्णिया। पूर्व कांग्रेस जिलाध्यक्ष सह कटिहार ग्रामीण के प्रभारी बिजेन्द्र यादव ने बयान जारी कर जिला कृषि पदाधिकारी विजय रंजन की ओर से उर्वरक बुकिंग व्यवस्था के माध्यम से किसानों को लाभ मिलने के दावे पर सवाल उठाया है। उन्होंने कहा कि कृषि समन्वयक, हल्का कर्मचारी और प्रखंड कृषि पदाधिकारी के स्तर से शिकायतें जिला कृषि पदाधिकारी तक पहुंचने की बात कही गई है, लेकिन शिकायत मिलने के बाद दोषियों के विरुद्ध क्या कार्रवाई होगी, इसकी स्पष्ट व्यवस्था और जवाबदेही नहीं बताई गई है।

बिजेन्द्र यादव ने कहा कि इससे प्रतीत होता है कि किसानों की समस्याओं के समाधान के बजाय शिकायतों को एक स्तर से दूसरे स्तर तक पहुंचाने की व्यवस्था बताई जा रही है। किसानों को केवल शिकायत दर्ज कराने की प्रक्रिया नहीं, बल्कि शिकायत मिलने के बाद तत्काल कार्रवाई की जरूरत है। उन्होंने पंचायत स्तर पर बैठक आयोजित कराने की मांग की।
उन्होंने कहा कि जिले के विभिन्न क्षेत्रों से उर्वरक की किल्लत, निर्धारित दर से अधिक कीमत पर खाद की बिक्री और वितरण में अनियमितता की शिकायतें लगातार सामने आ रही हैं। इसके बावजूद कितने दुकानदारों के विरुद्ध कार्रवाई की गई, कितने मामलों की जांच हुई और किसानों को क्या राहत मिली, इस संबंध में जिला कृषि विभाग की ओर से कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई है।
बिजेन्द्र यादव ने कहा कि किसानों को कागजी व्यवस्था और बयानों की नहीं, बल्कि बुवाई के समय खेत तक उचित दर पर पर्याप्त मात्रा में खाद की जरूरत है। प्रशासन शिकायतें दर्ज करने तक सीमित न रहे, बल्कि प्रत्येक शिकायत की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई सुनिश्चित करे।

उन्होंने कहा कि उर्वरक बुकिंग व्यवस्था तभी सार्थक मानी जाएगी, जब इसके साथ पारदर्शिता, निगरानी और दोषियों पर तत्काल कार्रवाई की गारंटी हो। केवल बुकिंग व्यवस्था का प्रचार कर किसानों की खाद से जुड़ी वास्तविक समस्या से मुंह नहीं मोड़ा जा सकता।
















