


48 घंटे में दर्ज करा सकते हैं ऑनलाइन आपत्ति
प्रदीप विद्रोही
भागलपुर। जिले के सरकारी विद्यालयों में पदस्थापित शिक्षकों के बहुप्रतीक्षित विद्यालय स्थानांतरण की प्रक्रिया आगे बढ़ गई है। बिहार शिक्षक स्थानांतरण नियमावली-2026 के तहत जिला स्थापना समिति ने समानुपातीकरण (रेशनलाइजेशन) के प्रथम चरण में प्राप्त आवेदनों की जांच के बाद 1196 शिक्षकों को नए विद्यालय आवंटित किए हैं। फिलहाल विद्यालय आवंटन औपबंधिक है।
डीएम अलंकृता पांडे की अध्यक्षता में हुई बैठक में शिक्षकों से प्राप्त स्थानांतरण आवेदनों, स्वीकृत पदों और छात्र-शिक्षक अनुपात (PTR) की वर्गवार एवं विषयवार समीक्षा की गई। जिले में विद्यालय परिवर्तन के लिए प्राथमिक से उच्च माध्यमिक स्तर तक कुल 1934 शिक्षकों ने ऑनलाइन आवेदन किया था।

आवेदनों में वर्ग 1 से 5 के 1021, वर्ग 6 से 8 के 194, वर्ग 9 से 10 के 334 तथा वर्ग 11 से 12 के 385 शिक्षक शामिल थे। जांच के बाद कुल 1196 शिक्षकों को नए विद्यालय आवंटित किए गए।
वर्गवार देखें तो कक्षा 1 से 5 के 603 शिक्षकों का विद्यालय बदला गया है। वहीं कक्षा 6 से 8 के 175, कक्षा 9 से 10 के नौ तथा कक्षा 11 से 12 के 249 शिक्षकों को नया विद्यालय आवंटित किया गया है।
ग्रामीण व दूर-दराज के स्कूलों में शिक्षकों की कमी होगी दूर
शिक्षा विभाग के अधिकारियों के अनुसार समानुपातीकरण का उद्देश्य छात्र संख्या और शिक्षकों की उपलब्धता के बीच संतुलन स्थापित करना है। खासकर उन ग्रामीण और दूर-दराज के विद्यालयों में शिक्षकों की कमी दूर करने पर जोर दिया गया है, जहां विद्यार्थियों की संख्या अधिक है, लेकिन उसके अनुपात में शिक्षक उपलब्ध नहीं हैं। इससे विद्यालयों में पठन-पाठन की व्यवस्था और शैक्षणिक गुणवत्ता बेहतर होने की उम्मीद है।
शिक्षकों को आवंटित विद्यालय की जानकारी ई-शिक्षाकोष पोर्टल पर उपलब्ध कराई गई है। संबंधित शिक्षक अपनी व्यक्तिगत लॉगिन आईडी और पासवर्ड के माध्यम से पोर्टल पर लॉगिन कर यह देख सकते हैं कि उन्हें प्रशासनिक रूप से किस विद्यालय में पदस्थापित किया गया है।
जिला प्रशासन ने औपबंधिक विद्यालय आवंटन को लेकर आपत्ति दर्ज कराने के लिए 48 घंटे का समय दिया है। किसी शिक्षक को आवंटित विद्यालय में त्रुटि, गंभीर आपत्ति या अन्य वैध परेशानी है तो वह ई-शिक्षाकोष पोर्टल पर ऑनलाइन साक्ष्य के साथ अपनी आपत्ति दर्ज करा सकता है।
निर्धारित समय-सीमा में प्राप्त आपत्तियों की जिला स्थापना समिति द्वारा बिंदुवार समीक्षा और आवश्यकतानुसार भौतिक सत्यापन किया जाएगा। आपत्तियों के निस्तारण के बाद ही शिक्षकों की अंतिम पदस्थापन सूची जारी की जाएगी। इसके बाद अंतिम सूची के आधार पर शिक्षकों के विरमन और नए विद्यालय में योगदान की प्रक्रिया पूरी होगी।

















