


पूर्णिया । पूर्णिया लोकसभा क्षेत्र के रुपौली विधानसभा क्षेत्र में बाढ़ की स्थिति लगातार गंभीर बनी हुई है। शनिवार को पूर्णिया के सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव ने रुपौली प्रखंड के कोयली सिमरा पूरब पंचायत के कौसकीपुर गांव सहित कई बाढ़ प्रभावित इलाकों का दौरा किया। सड़क संपर्क बाधित होने के कारण सांसद नाव के माध्यम से प्रभावित गांवों तक पहुंचे और बाढ़ पीड़ित परिवारों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं, परेशानियां और जरूरतों की जानकारी ली।

इस दौरान सांसद ने प्रभावित परिवारों के बीच अपनी ओर से तत्काल नगद आर्थिक सहायता भी उपलब्ध कराई। उन्होंने कहा कि संकट की इस घड़ी में बाढ़ पीड़ित परिवारों को अकेला नहीं छोड़ा जाएगा। उनकी ओर से लगातार राहत एवं सहायता का प्रयास किया जा रहा है। सांसद के अनुसार, एक दिन पहले भी उनके प्रतिनिधियों के माध्यम से प्रभावित गांवों में सूखा राहत सामग्री भेजी गई थी।
नाव से गांवों में पहुंचे सांसद
बाढ़ के कारण कई इलाकों में सड़क संपर्क प्रभावित होने के बाद सांसद नाव के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में पहुंचे। उन्होंने गांवों में घूमकर लोगों से सीधे संवाद किया और बाढ़ से उत्पन्न परिस्थितियों की जानकारी ली। ग्रामीणों ने उनके समक्ष आवागमन, बिजली, भोजन, पेयजल एवं राहत सामग्री से जुड़ी समस्याएं रखीं।

कौसकीपुर गांव में सड़क एवं बिजली व्यवस्था की समस्या की जानकारी मिलने पर सांसद ने संबंधित अधिकारियों से फोन पर बातचीत की और प्रभावित क्षेत्र में आवागमन तथा बिजली व्यवस्था जल्द बहाल करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि बाढ़ की स्थिति में सड़क संपर्क टूटने से ग्रामीणों को आवश्यक सामान और स्वास्थ्य सुविधाओं तक पहुंचने में परेशानी होती है। ऐसे समय में प्रशासनिक स्तर पर राहत एवं आवश्यक सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करना जरूरी है।
सांसद ने कहा कि बाढ़ प्रभावित परिवारों को भोजन, सूखा राशन, पेयजल, आर्थिक सहायता और अन्य जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में लगातार प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने प्रभावित लोगों को भरोसा दिलाया कि राहत एवं सहायता का अभियान बाढ़ का प्रभाव कम होने तक जारी रहेगा।
सामुदायिक किचन बंद होने का उठाया मुद्दा
बाढ़ की स्थिति को लेकर सांसद पप्पू यादव ने सरकार और प्रशासन की व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा कि कई स्थानों पर प्रशासन की ओर से संचालित सामुदायिक किचन कुछ ही दिनों में बंद हो गए हैं। उन्होंने कहा कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में लंबे समय तक राहत व्यवस्था बनाए रखने की आवश्यकता है।
उन्होंने विशेष रूप से दलित, महादलित एवं ईबीसी टोलों में रहने वाले परिवारों की स्थिति का उल्लेख करते हुए कहा कि कई जगहों पर लोगों को बाढ़ के गंदे पानी के बीच रहने की मजबूरी है। उन्होंने कहा कि कई परिवार फूस एवं टीन के घरों की छतों पर रहने को मजबूर हैं। ऐसी स्थिति में प्रभावित परिवारों तक भोजन, स्वच्छ पेयजल और अन्य जरूरी राहत सामग्री पहुंचाना प्राथमिकता होनी चाहिए।
सांसद ने केंद्र एवं राज्य सरकार से बिहार के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्य और तेज करने की मांग की। उन्होंने कहा कि बाढ़ से प्रभावित लोगों को तत्काल सहायता उपलब्ध कराने के लिए प्रशासनिक स्तर पर लगातार निगरानी और प्रभावी व्यवस्था जरूरी है।
फ्लड फाइटिंग के खर्च पर उठाए सवाल
सांसद पप्पू यादव ने बाढ़ राहत, फ्लड फाइटिंग और एंटी-इरोशन कार्यों पर खर्च होने वाली राशि को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि हर साल बड़ी राशि खर्च किए जाने के बावजूद कई क्षेत्रों में बाढ़ और कटाव की समस्या बनी रहती है। उन्होंने फ्लड फाइटिंग एवं कटावरोधी कार्यों में होने वाले खर्च की पारदर्शी जांच और आवश्यक होने पर जिम्मेदारी तय किए जाने की मांग की।
उन्होंने आरोप लगाया कि यदि सरकारी राशि के उपयोग में किसी स्तर पर अनियमितता हुई है तो इसकी जांच होनी चाहिए। सांसद ने कहा कि जनता के पैसे के इस्तेमाल में पारदर्शिता और जवाबदेही जरूरी है। उन्होंने कहा कि आवश्यकता पड़ने पर वे इस मुद्दे को न्यायालय तक ले जाएंगे और कथित अनियमितताओं की जांच एवं दोषियों पर कार्रवाई के लिए आवाज उठाएंगे।
‘राजनीतिक दिखावे की नहीं, मदद की जरूरत’
पप्पू यादव ने कहा कि बाढ़ जैसी आपदा के समय राजनीतिक दिखावे से अधिक जरूरी लोगों के बीच पहुंचकर उनकी मदद करना है। उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधियों की जिम्मेदारी केवल चुनाव के समय जनता के बीच पहुंचने तक सीमित नहीं होनी चाहिए, बल्कि सामान्य समय और आपदा की घड़ी में भी उन्हें लोगों के सुख-दुख में साथ खड़ा रहना चाहिए।
उन्होंने कहा कि रुपौली के बाढ़ प्रभावित इलाकों में राहत और सहायता का प्रयास लगातार जारी है। जब तक बाढ़ का प्रभाव कम नहीं होता और प्रभावित परिवारों को आवश्यक राहत नहीं मिलती, तब तक सहायता एवं सेवा का अभियान जारी रखने की बात उन्होंने कही।
राहत अभियान में कई लोग रहे मौजूद
सांसद के क्षेत्र भ्रमण के दौरान उनके प्रतिनिधि एवं सहयोगी भी मौजूद रहे। इस दौरान रुपौली सांसद प्रतिनिधि मो. अफताब आलम उर्फ पप्पू, सांसद प्रवक्ता राजेश यादव, सुड यादव, मुरली मंडल, पूर्व प्रमुख बिहारी यादव, आलोक अकेला, गमन मंडल, अमित मंडल, प्रियांशु मंडल, भवेश मंडल, श्याम करन यादव एवं जयराम यादव सहित कई लोग उपस्थित थे।
सांसद ने प्रभावित परिवारों से मुलाकात कर उनकी समस्याओं को सुना और हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने का भरोसा दिया। बाढ़ के बीच नाव से गांवों तक पहुंचकर सांसद द्वारा किए गए दौरे के दौरान बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने अपनी समस्याएं उनके समक्ष रखीं।
















