


सरकारी राहत का इंतजार, भोजन-पेयजल और दवाइयों की भी बनी समस्या
नवगछिया । कोसी नदी के बढ़ते जलस्तर से नवगछिया अनुमंडल जिले के रंगरा प्रखंड के मदरौनी इलाके में बाढ़ की स्थिति लगातार गंभीर होती जा रही है। पिछले कई दिनों से कई घर बाढ़ के पानी से घिरे हुए हैं। पानी घरों के आसपास जमा रहने के कारण लोगों के सामने रहने, खाने-पीने और रोजमर्रा की जरूरतों को पूरा करने की बड़ी चुनौती खड़ी हो गई है। हालात यह हैं कि कई परिवार घर छोड़ने के बजाय अपनी छतों पर रहने को मजबूर हैं।

बाढ़ के पानी ने इलाके में जनजीवन को पूरी तरह प्रभावित कर दिया है। बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों की परेशानी सबसे अधिक बढ़ गई है। लगातार जलजमाव के कारण प्रभावित परिवारों को भोजन, पीने का पानी, दवाइयां और अन्य जरूरी सामान जुटाने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि बाढ़ का पानी कई दिनों से उनके घरों के आसपास जमा है, लेकिन अब तक पर्याप्त सरकारी राहत सामग्री नहीं पहुंच पाई है। ग्रामीणों ने प्रशासन से तत्काल राहत और बचाव कार्य तेज करने की मांग की है। प्रभावित परिवारों का कहना है कि उन्हें सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के साथ भोजन, स्वच्छ पेयजल, दवाइयां और अन्य जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं।

वहीं, समाजसेवी सुजीत कुमार सिंह लगातार बाढ़ प्रभावित लोगों की मदद में जुटे हुए हैं। वे प्रभावित परिवारों तक राहत सामग्री पहुंचाने और उनकी जरूरतों को पूरा करने का प्रयास कर रहे हैं। उनकी पहल से कई जरूरतमंद परिवारों को इस मुश्किल समय में सहारा मिल रहा है।
हालांकि, प्रभावित क्षेत्र की स्थिति को देखते हुए व्यापक स्तर पर राहत और बचाव कार्य की जरूरत बनी हुई है। मदरोनी में बढ़ता कोसी का पानी लोगों की चिंता बढ़ा रहा है। छतों पर गुजरती रातों और सीमित संसाधनों के बीच जीवन काट रहे बाढ़ पीड़ित अब प्रशासन की ओर उम्मीद भरी नजरों से देख रहे हैं।















