


प्रदीप विद्रोही
भागलपुर। सदर अस्पताल, भागलपुर में स्वास्थ्य सेवाओं और मरीजों को मिल रही सुविधाओं का शुक्रवार को उप विकास आयुक्त-सह-उपाध्यक्ष, रोगी कल्याण समिति के नेतृत्व में जायजा लिया गया। निरीक्षण के दौरान अस्पताल के विभिन्न भवनों, आईसीयू, इमरजेंसी, एसएनसीयू, दवा वितरण काउंटर और जीविका की रसोई का निरीक्षण किया गया।
रोगी कल्याण समिति के शासी निकाय की बैठक में दिए गए निर्देश के आलोक में किए गए निरीक्षण के दौरान पुराने ओपीडी भवन, विक्टोरिया भवन और एमसीएच भवन के बाहरी हिस्से में रंग-रोगन तथा जरूरी स्थानों पर मरम्मत कार्य कराने की आवश्यकता का आकलन किया गया। इसके अलावा एसएनसीयू में फायर एग्जिट, पंजीकरण काउंटर और एमसीएच भवन के पास प्याऊ निर्माण तथा दवा वितरण काउंटर पर रेलिंग लगाने के कार्य को भी अनुमोदित किया गया।
निरीक्षण के दौरान इलाजरत मरीजों से भी अधिकारियों ने बातचीत की। मरीजों ने बताया कि अस्पताल में आवश्यक जांच और दवाएं निःशुल्क उपलब्ध कराई जा रही हैं। मरीजों के अनुसार उन्हें दवाओं के लिए बाहर नहीं जाना पड़ रहा है।

वर्तमान में सदर अस्पताल में चार दवा वितरण काउंटर संचालित हैं। मरीजों की बढ़ती भीड़ और काउंटरों पर दबाव को देखते हुए दो अतिरिक्त दवा वितरण केंद्र शुरू करने की आवश्यकता जताई गई है। इससे मरीजों को दवा लेने में सुविधा मिलने के साथ प्रतीक्षा समय और अनावश्यक भीड़ कम करने में मदद मिलने की उम्मीद है।
सदर अस्पताल के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. राजू के अनुसार, जुलाई 2026 की तुलना में अगस्त 2026 में सदर अस्पताल से मरीजों के रेफरल की संख्या में 72 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई है। उन्होंने इसे राज्य में दर्ज रेफरल संख्या में सर्वाधिक गिरावट बताया। उनके अनुसार, यह अस्पताल में उपलब्ध स्वास्थ्य सेवाओं और उपचार सुविधाओं में सुधार का एक महत्वपूर्ण संकेतक है।
निरीक्षण के दौरान मरीजों की सुविधा के साथ-साथ अस्पताल के भवनों के रखरखाव, साफ-सफाई, सुरक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने से जुड़े विभिन्न बिंदुओं पर भी चर्चा की गई। इस दौरान उप विकास आयुक्त, सिविल सर्जन डॉ. राजू, रोहित पासवान, संजीव कुमार, प्रदीप कुमार सिंह, वंदना तिवारी, नितेश कुमार सिंह, मुकेश राणा, डॉ. गौतम कुमार, जिला कार्यक्रम प्रबंधक, अस्पताल प्रबंधक सहित अन्य पदाधिकारी और कर्मी मौजूद रहे।

















