
केनगर थाना क्षेत्र में मोबाइल झपटमारी की घटना के बाद पुलिस ने की कार्रवाई, चोरी के मोबाइल की खरीद-बिक्री करने वाले दुकानदार को भी पकड़ा
पूर्णिया । पूर्णिया पुलिस ने मोबाइल झपटमारी की घटनाओं में संलिप्त एक अंतरजिला गिरोह का खुलासा करते हुए तीन आरोपितों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने गिरफ्तार आरोपितों के पास से अलग-अलग मामलों से संबंधित 10 मोबाइल फोन और वारदात में इस्तेमाल की गई बिना नंबर प्लेट की पल्सर मोटरसाइकिल बरामद की है। पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपितों से पूछताछ में पूर्णिया शहर के विभिन्न स्थानों पर हुई मोबाइल झपटमारी की घटनाओं में उनकी संलिप्तता की जानकारी मिली है। मामले में पुलिस गिरोह से जुड़े अन्य लोगों और संभावित घटनाओं की भी जांच कर रही है।

पुलिस की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, 12 अक्टूबर 2026 को केनगर थाना क्षेत्र के झील टोला फुटबॉल मैदान के पास काले रंग की पल्सर मोटरसाइकिल पर सवार दो अपराधियों ने एक व्यक्ति का मोबाइल फोन झपट लिया था। घटना के बाद केनगर थाना में कांड संख्या 321/26 दर्ज कर जांच शुरू की गई।
मामले की गंभीरता को देखते हुए वरीय पुलिस अधीक्षक डॉ. शौर्य सुमन के निर्देश पर विशेष टीम गठित की गई। इसकी जिम्मेदारी अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी सदर-2, पूर्णिया डॉ. गौरव कुमार को सौंपी गई।
छापेमारी के दौरान दो आरोपित पकड़े गए, निशानदेही पर मोबाइल बरामद
पुलिस के अनुसार, विशेष टीम ने मामले की जांच करते हुए संभावित ठिकानों पर छापेमारी की। इसी क्रम में 13 अक्टूबर की रात दो व्यक्तियों को पकड़कर पूछताछ की गई। उनकी निशानदेही पर विभिन्न मामलों से संबंधित कुल 10 मोबाइल फोन बरामद किए गए। इसके साथ ही मोबाइल झपटमारी की घटनाओं में इस्तेमाल की गई बिना नंबर प्लेट की पल्सर मोटरसाइकिल भी जब्त की गई।
जांच के दौरान चोरी और झपटमारी के मोबाइल फोन की खरीद-बिक्री करने वाले एक दुकानदार की संलिप्तता सामने आने पर पुलिस ने उसे भी गिरफ्तार कर लिया। इस तरह मामले में कुल तीन आरोपितों की गिरफ्तारी हुई।
रूपेश कुमार, लालकृष्ण कुमार और मोहम्मद इश्तियाक गिरफ्तार
पुलिस ने गिरफ्तार आरोपितों की पहचान रूपेश कुमार, लालकृष्ण कुमार और मोहम्मद इश्तियाक के रूप में की है। पुलिस का कहना है कि पूछताछ के दौरान पूर्णिया शहर के अलग-अलग स्थानों पर हुई मोबाइल झपटमारी की घटनाओं में आरोपितों की संलिप्तता की जानकारी सामने आई है।

फिलहाल पुलिस गिरफ्तार आरोपितों के आपराधिक इतिहास की जांच कर रही है। साथ ही, यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि गिरोह के अन्य सदस्य कौन हैं और बरामद मोबाइल फोन किन-किन घटनाओं से संबंधित हैं। मोबाइल फोन की खरीद-बिक्री के नेटवर्क की पहचान करना भी जांच का हिस्सा है।
डॉ. गौरव कुमार के नेतृत्व में गठित टीम ने की कार्रवाई
वरीय पुलिस अधीक्षक डॉ. शौर्य सुमन के निर्देश पर गठित विशेष टीम ने अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी सदर-2 डॉ. गौरव कुमार के नेतृत्व में कार्रवाई की। पुलिस ने मामले में सुराग जुटाने, छापेमारी करने और मोबाइल फोन की खरीद-बिक्री से जुड़े व्यक्ति तक पहुंचने के बाद तीन आरोपितों को गिरफ्तार किया।
मोबाइल झपटमारी की घटनाओं से आम लोगों को आर्थिक नुकसान के साथ-साथ उनकी निजी जानकारी के दुरुपयोग का भी खतरा रहता है। ऐसे मामलों में घटना में इस्तेमाल किए गए वाहन की बरामदगी और चोरी के मोबाइल की खरीद-बिक्री से जुड़े लोगों की पहचान करना जांच का महत्वपूर्ण हिस्सा होता है। पूर्णिया पुलिस अब इस मामले में अन्य संभावित संलिप्त लोगों की भूमिका की पड़ताल कर रही है।
पुलिस टीम में शामिल रहे ये अधिकारी और कर्मी
इस कार्रवाई में केनगर थानाध्यक्ष पु०अ०नि० अजय कुमार अजनबी के साथ पु०अ०नि० रूपाली कुमारी, पु०अ०नि० प्रियम कुमार, प्र०पु०अ०नि० गुलशन कुमार, प्र०पु०अ०नि० सागर सुमन, पु०अ०नि० विजेंद्र कुमार सिंह, सिपाही नवीन कुमार कामत तथा गृह रक्षक सूरज कुमार की भूमिका रही।
पूर्णिया पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी नजदीकी थाने को दें। साथ ही, मोबाइल फोन खरीदते समय उसकी वैधता और स्वामित्व से संबंधित जानकारी की जांच अवश्य करें। पुलिस के अनुसार, जिले में अपराध नियंत्रण और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए कार्रवाई जारी रहेगी।















