
दुर्गा पूजा के अवसर पर नर्सरी से यूकेजी तक के बच्चों ने दी मनमोहक प्रस्तुति, पारंपरिक परिधानों में सजे बच्चों की प्रतिभा ने मोहा सबका मन
नवगछिया। दुर्गा पूजा के पावन अवसर पर नवगछिया के पोस्ट ऑफिस रोड स्थित बाल भारती विद्यालय में नन्हे-मुन्ने बच्चों के लिए डांडिया नृत्य का भव्य आयोजन किया गया। विद्यालय के नर्सरी से लेकर यूकेजी तक के बच्चों ने रंग-बिरंगे पारंपरिक परिधानों में सजकर आकर्षक डांडिया नृत्य प्रस्तुत किया। बच्चों की मनमोहक प्रस्तुतियों ने उपस्थित लोगों का मन मोह लिया और पूरा विद्यालय उत्सव के रंग में रंग गया।

कार्यक्रम का शुभारंभ विद्यालय के प्राचार्य कौशल किशोर जायसवाल ने मां दुर्गा के चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलित कर किया। इसके बाद बच्चों की प्रस्तुतियों का सिलसिला शुरू हुआ। दुर्गा पूजा के उत्साह और उल्लास के बीच नन्हे विद्यार्थियों ने अपनी मासूम अदाओं, तालबद्ध नृत्य और आकर्षक प्रस्तुतियों से कार्यक्रम में चार चांद लगा दिए। बच्चों को उत्साहपूर्वक डांडिया करते देखकर विद्यालय परिसर में उत्सव जैसा वातावरण बन गया।
पारंपरिक परिधानों में सजे बच्चों ने प्रस्तुत किया डांडिया नृत्य
कार्यक्रम में नर्सरी से यूकेजी तक के बच्चों ने उत्साह के साथ भाग लिया। रंग-बिरंगे पारंपरिक परिधानों में सजे बच्चों ने डांडिया नृत्य के माध्यम से भारतीय संस्कृति और लोक परंपराओं की सुंदर झलक प्रस्तुत की। नन्हे विद्यार्थियों की प्रस्तुति में उत्साह, उमंग और सामूहिक सहभागिता देखने को मिली।
डांडिया नृत्य भारतीय सांस्कृतिक परंपराओं से जुड़ा एक लोकप्रिय लोकनृत्य है, जिसका विशेष आकर्षण नवरात्र के दौरान देखने को मिलता है। विद्यालय में इस तरह के आयोजन का उद्देश्य बच्चों को पढ़ाई के साथ-साथ भारतीय त्योहारों, सांस्कृतिक परंपराओं और सामूहिक गतिविधियों से परिचित कराना है। कार्यक्रम के दौरान बच्चों का उत्साह देखते ही बन रहा था। उनकी प्रस्तुतियों ने शिक्षकों और अभिभावकों को खूब प्रभावित किया।

प्राचार्य ने की बच्चों की प्रतिभा की सराहना
विद्यालय के प्राचार्य कौशल किशोर जायसवाल ने बच्चों की प्रतिभा और उनके उत्साह की सराहना की। उन्होंने भारतीय संस्कृति एवं परंपराओं के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि इस प्रकार के सांस्कृतिक आयोजन बच्चों के सर्वांगीण विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। ऐसे कार्यक्रमों से बच्चों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने का अवसर मिलता है और उनमें आत्मविश्वास, अनुशासन तथा सामूहिक रूप से कार्य करने की भावना विकसित होती है।
उन्होंने कहा कि विद्यालय में शिक्षा के साथ सांस्कृतिक गतिविधियों को भी महत्व दिया जाना चाहिए, ताकि बच्चों का मानसिक, सामाजिक और रचनात्मक विकास हो सके। बचपन से ही बच्चों को भारतीय संस्कृति और त्योहारों की जानकारी देने से वे अपनी परंपराओं के प्रति जागरूक बनते हैं।
विद्यालय परिवार और अभिभावकों की रही सहभागिता
इस अवसर पर विद्यालय के सभी शिक्षक-शिक्षिकाएं तथा कुछ अभिभावक उपस्थित रहे। उन्होंने बच्चों की प्रस्तुतियों का आनंद लिया और उनका उत्साहवर्धन किया। कार्यक्रम के सफल आयोजन में विद्यालय परिवार की महत्वपूर्ण भूमिका रही। इसमें विद्यालय के सचिव अभय प्रकाश मुनका का विशेष योगदान रहा।
शिक्षकों के मार्गदर्शन और विद्यालय परिवार के सहयोग से बच्चों को अपनी प्रतिभा प्रस्तुत करने के लिए एक सुंदर मंच मिला। इस आयोजन ने विद्यालय के विद्यार्थियों, शिक्षकों और अभिभावकों के बीच सहभागिता और अपनत्व की भावना को भी मजबूत किया।
उत्साह, सहयोग और सांस्कृतिक एकता का दिया संदेश
कार्यक्रम का समापन धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ। दुर्गा पूजा के अवसर पर आयोजित इस डांडिया नृत्य कार्यक्रम ने बच्चों में उत्साह, सहयोग, सांस्कृतिक एकता और सामूहिक सहभागिता की भावना को बढ़ावा दिया। साथ ही, बच्चों को भारतीय सांस्कृतिक परंपराओं से जोड़ने का अवसर भी मिला।
बाल भारती विद्यालय में आयोजित इस कार्यक्रम ने यह संदेश दिया कि शिक्षा का उद्देश्य केवल किताबी ज्ञान तक सीमित नहीं है, बल्कि बच्चों की छिपी प्रतिभाओं को निखारना, उनमें आत्मविश्वास पैदा करना और उन्हें अपनी संस्कृति से परिचित कराना भी है। नन्हे-मुन्ने बच्चों की मनमोहक प्रस्तुतियों के साथ दुर्गा पूजा का उत्सवी माहौल विद्यालय परिसर में यादगार बन गया।














