
कसबा में रावण, कुंभकर्ण और मेघनाद के पुतलों का दहन, हजारों की संख्या में जुटे श्रद्धालु
पूर्णिया। बुराई पर अच्छाई और असत्य पर सत्य की विजय का प्रतीक विजयादशमी का पर्व कसबा में उत्साह, उमंग और धार्मिक श्रद्धा के साथ मनाया गया। इस अवसर पर स्थानीय मैदान में आयोजित रावण वध कार्यक्रम में हजारों की संख्या में श्रद्धालु जुटे। कार्यक्रम में क्षेत्र के प्रसिद्ध चिकित्सक डॉ. अनिल कुमार गुप्ता मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। उन्होंने रावण, कुंभकर्ण और मेघनाद के विशाल पुतलों का दहन किया। पुतला दहन होते ही पूरा मैदान जय श्रीराम के जयकारों से गूंज उठा।

कार्यक्रम के बाद उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए डॉ. अनिल कुमार गुप्ता ने कहा कि दशहरा का वास्तविक उद्देश्य केवल रावण के पुतले का दहन करना नहीं, बल्कि समाज और व्यक्ति के भीतर व्याप्त बुराइयों को समाप्त करना भी है। जब तक समाज से जातिवाद, नशाखोरी, महिलाओं के प्रति अपराध, ईर्ष्या और भ्रष्टाचार जैसी बुराइयों का अंत नहीं होगा, तब तक दशहरा का संदेश पूरी तरह सार्थक नहीं हो सकेगा।
उन्होंने कहा कि समाज को बेहतर बनाने के लिए प्रत्येक व्यक्ति को अपनी जिम्मेदारी समझनी होगी। बच्चों को अच्छे संस्कार देना, शिक्षा को बढ़ावा देना और समाज में आपसी प्रेम, सद्भाव तथा नैतिक मूल्यों को मजबूत करना आवश्यक है। यदि प्रत्येक व्यक्ति अपने भीतर की एक बुराई को समाप्त करने का संकल्प ले, तो एक स्वस्थ, शिक्षित और सशक्त समाज का निर्माण संभव है।
डॉ. गुप्ता ने कहा कि भगवान श्रीराम के आदर्शों को अपने जीवन में अपनाकर ही समाज में सच्चाई, न्याय और सद्भाव की स्थापना की जा सकती है। दशहरा हमें अन्याय के विरुद्ध खड़े होने और सत्य के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है।

कार्यक्रम में उमड़ी भारी भीड़ को देखते हुए कसबा प्रशासन और पुलिस बल की ओर से सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे। सुरक्षा व्यवस्था के बीच रावण वध कार्यक्रम शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ।














