
भागलपुर। घोघा थाना क्षेत्र के पन्नुचक गांव में आर्थिक तंगी से जूझ रहे एक गरीब परिवार की मदद के लिए अब लोग आगे आने लगे हैं। परिवार के मुखिया मंगल ऋषि की मौत के बाद आर्थिक स्थिति इतनी खराब हो गई थी कि उनके अंतिम संस्कार के लिए भी पर्याप्त लकड़ियों का इंतजाम नहीं हो सका। इस मामले की खबर मीडिया में आने के बाद फिल्म अभिनेत्री संचिता बसु के परिवार की ओर से प्राची सेवा ट्रस्ट ने पीड़ित परिवार की मदद की। ट्रस्ट की ओर से परिवार को 11 हजार रुपये की आर्थिक सहायता और राशन सामग्री उपलब्ध कराई गई।

ट्रस्ट के सदस्यों ने पीड़ित परिवार से मुलाकात कर उनकी परेशानियों की जानकारी ली। साथ ही, इस कठिन समय में परिवार को ढांढस बंधाया और आगे भी हरसंभव मदद करने का भरोसा दिया। लंबे समय से आर्थिक तंगी से जूझ रहे परिवार के लिए यह सहायता कुछ राहत लेकर आई है।
अंतिम संस्कार के लिए भी जुटाना पड़ा था चंदा
पन्नुचक निवासी मंगल ऋषि ईंट-भट्ठे पर मजदूरी कर अपने परिवार का भरण-पोषण करते थे। 18 अक्टूबर को उनके निधन के बाद परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। घर की आर्थिक स्थिति इतनी खराब थी कि कफन और अंतिम संस्कार के लिए जरूरी लकड़ियों का इंतजाम करने के लिए लोगों से चंदा जुटाना पड़ा। इसके बावजूद पर्याप्त लकड़ियां नहीं मिल सकीं और परिजनों को गड्ढा खोदकर अधजले शव को दफनाना पड़ा।

इस घटना ने गरीबी और आर्थिक लाचारी की भयावह तस्वीर सामने रखी, जिसने लोगों को झकझोर दिया। परिवार के मुखिया की मौत के बाद अब घर में कमाने वाला कोई सहारा नहीं रह गया है। ऐसे में परिवार के सामने रोजमर्रा की जरूरतें पूरी करने से लेकर बच्चों की परवरिश तक का संकट खड़ा हो गया है।
पत्नी, बुजुर्ग मां और पांच बच्चों के सामने भविष्य की चिंता
मंगल ऋषि अपने पीछे पत्नी सोनी देवी, बुजुर्ग मां और पांच बच्चों को छोड़ गए हैं। बच्चों में तीन बेटियां भी शामिल हैं। पति की मौत के बाद सोनी देवी के सामने पांच बच्चों के भरण-पोषण, पढ़ाई और परवरिश की जिम्मेदारी है। वहीं, बुजुर्ग मां अपने बेटे को खोने के गम में हैं। परिवार के लिए यह केवल आर्थिक संकट नहीं, बल्कि जिंदगी को दोबारा संभालने की बड़ी चुनौती है।
परिजनों के मुताबिक, वर्षों पहले गंगा की कटान में उनकी जमीन प्रभावित हुई थी। इसके बाद परिवार को अपना पुराना ठिकाना छोड़ना पड़ा। वर्तमान में परिवार दूसरे की जमीन पर रहने को मजबूर है। न उनके पास अपनी जमीन है, न पक्का मकान और न ही आय का कोई स्थायी साधन। ऐसे में परिवार के मुखिया की मौत ने उनकी मुश्किलों को और बढ़ा दिया है।
मीडिया में खबर आने के बाद मदद को आगे आए लोग
परिवार की बदहाली की खबर मीडिया में सामने आने के बाद लोगों का ध्यान उनकी स्थिति की ओर गया। इससे पहले स्थानीय मुखिया की ओर से भी परिवार को कुछ राशन सामग्री उपलब्ध कराई गई थी। हालांकि, पांच बच्चों और अन्य परिजनों की जरूरतों को देखते हुए कुछ दिनों का राशन उनकी समस्याओं का स्थायी समाधान नहीं है।
इसी बीच फिल्म अभिनेत्री संचिता बसु के परिवार की ओर से प्राची सेवा ट्रस्ट ने मदद की पहल की। ट्रस्ट के सदस्यों ने परिवार को 11 हजार रुपये की आर्थिक सहायता और राशन सामग्री प्रदान की। सदस्यों ने परिवार को भरोसा दिलाया कि इस मुश्किल घड़ी में वे अकेले नहीं हैं और आगे भी यथासंभव सहयोग किया जाएगा।
सरकारी सहायता और स्थायी सहयोग की उम्मीद
परिवार के सामने अब सबसे बड़ी चुनौती बच्चों के लिए नियमित भोजन, शिक्षा, स्वास्थ्य और सुरक्षित भविष्य सुनिश्चित करना है। तत्काल मिली आर्थिक सहायता और राशन से कुछ राहत जरूर मिली है, लेकिन परिवार की दीर्घकालिक जरूरतें अभी भी बनी हुई हैं।
परिवार को उम्मीद है कि बिहार सरकार, स्थानीय जनप्रतिनिधि और पूर्णिया के सांसद पप्पू यादव उनकी स्थिति पर ध्यान देंगे। यदि परिवार को नियमित सरकारी योजनाओं का लाभ, बच्चों की पढ़ाई के लिए सहायता और आजीविका का कोई स्थायी साधन उपलब्ध हो सके, तो उन्हें इस कठिन परिस्थिति से उबरने में मदद मिल सकती है।















