
खगड़िया के महदा बन्नी गांव के निवासी डॉ. ध्रुव कुमार पूर्णिया के मिल्लिया बीएड महाविद्यालय में हैं ललित कला के सहायक प्राध्यापक
पूर्णिया। बिहार के युवा चित्रकार एवं मिल्लिया फखरुद्दीन अली अहमद बीएड शिक्षक प्रशिक्षण महाविद्यालय, पूर्णिया के ललित कला विभाग में सहायक प्राध्यापक डॉ. ध्रुव कुमार को कला और शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए मानद डॉक्टरेट उपाधि से सम्मानित किया गया। नई दिल्ली स्थित मैपल गोल्ड बैंक्वेट, डी मॉल में शनिवार, 24 अक्टूबर 2026 को प्रतिष्ठित शांति पुरस्कार परिषद की ओर से आयोजित सम्मान समारोह में उन्हें यह उपाधि प्रदान की गई।

समारोह में तिब्बती निर्वासित संसद के पूर्व उपाध्यक्ष एवं भारत-तिब्बत सहयोग मंच के वरिष्ठ सलाहकार आचार्य एशिया फुन्सुक, परिषद की अध्यक्ष एवं व्यक्तित्व विकास मार्गदर्शक सौरभ वशिष्ठ, भारत-तिब्बत सीमा पुलिस के सेवानिवृत्त कमांडेंट ओमप्रकाश यादव, वृंदावन के अनुपयती आश्रम के महंत प्रशांत गिरी जी महाराज तथा लोकसभा के पूर्व सदस्य महाबल मिश्रा सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
कला और शिक्षा में योगदान के लिए मिला सम्मान
डॉ. ध्रुव कुमार मूल रूप से बिहार के खगड़िया जिले के महदा बन्नी गांव के निवासी हैं। वर्तमान में वे पूर्णिया स्थित मिल्लिया फखरुद्दीन अली अहमद बीएड शिक्षक प्रशिक्षण महाविद्यालय में ललित कला के सहायक प्राध्यापक के रूप में कार्यरत हैं। उन्होंने कला और शिक्षा के क्षेत्र में अपने योगदान के माध्यम से पहचान बनाई है। मानद डॉक्टरेट उपाधि से सम्मानित किए जाने पर उनके गृह क्षेत्र और शिक्षण संस्थान में प्रसन्नता का माहौल है।
प्रतिष्ठित शांति पुरस्कार परिषद के अनुसार, संस्था विभिन्न क्षेत्रों में शांति, एकता, सामाजिक सद्भाव, शिक्षा, स्वास्थ्य सेवा और सामुदायिक विकास के लिए योगदान देने वाले लोगों को सम्मानित करती है। इसका उद्देश्य सामाजिक नेतृत्व, बौद्धिक विकास, नैतिक मूल्यों और वैश्विक सहयोग को प्रोत्साहित करना है।
पटना से हासिल की चित्रकला की शिक्षा

डॉ. ध्रुव कुमार की रुचि बचपन से ही चित्रकला में रही है। उन्होंने पटना स्थित कला एवं शिल्प महाविद्यालय से चित्रकला में स्नातक की उपाधि प्राप्त की। इसके बाद महाराष्ट्र के बीएएमयू से चित्रकला में स्नातकोत्तर की पढ़ाई पूरी की। उन्होंने कुछ वर्षों तक बिहार के प्रतिष्ठित आवासीय शिक्षण संस्थान विद्या विहार में ललित कला शिक्षक के रूप में भी अपनी सेवाएं दीं। पिछले लगभग दस वर्षों से वे पूर्णिया के मिल्लिया फखरुद्दीन अली अहमद बीएड शिक्षक प्रशिक्षण महाविद्यालय में सहायक प्राध्यापक के रूप में कार्यरत हैं।
उनके पिता शिक्षक थे, जिनका निधन हो चुका है। उनके बड़े भाई रवि कुमार मध्य विद्यालय गढ़िया में प्रधानाध्यापक हैं। डॉ. ध्रुव कुमार की कला के प्रति रुचि को आगे बढ़ाने में उनके बड़े भाई की भी महत्वपूर्ण भूमिका रही है। परिवार से मिले प्रोत्साहन और निरंतर अभ्यास ने उन्हें कला के क्षेत्र में आगे बढ़ने की प्रेरणा दी।
देश-विदेश की कला दीर्घाओं में प्रदर्शित हो चुकी हैं कलाकृतियां
डॉ. ध्रुव कुमार की कलाकृतियां देश के कई प्रतिष्ठित कला केंद्रों और विदेशों की कला दीर्घाओं में प्रदर्शित हो चुकी हैं। भारत में उनकी कलाकृतियों की प्रदर्शनियां पटना की ललित कला अकादमी, कोलकाता की बिड़ला अकादमी ऑफ आर्ट एंड कल्चर, नई दिल्ली की संस्कार भारती कला संकुल आर्ट गैलरी और लोकायता आर्ट गैलरी तथा मुंबई की सिमरोजा आर्ट गैलरी में लग चुकी हैं।
इसके अतिरिक्त नेपाल के काठमांडू स्थित नेपाल कला परिषद, इंडोनेशिया के बाली स्थित केंद्र आर्ट स्पेस, दुबई की 76 आर्ट गैलरी और श्रीलंका के क्यूराडो आर्ट स्पेस में भी उनकी कलाकृतियों का प्रदर्शन किया जा चुका है। विभिन्न राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय कला प्रदर्शनियों तथा कार्यशालाओं में भागीदारी के दौरान उन्हें पुरस्कार और प्रमाणपत्र भी प्राप्त हुए हैं।
मिल्लिया परिवार ने दी बधाई
डॉ. ध्रुव कुमार को मानद डॉक्टरेट उपाधि मिलने पर मिल्लिया एजुकेशनल ट्रस्ट के निदेशक डॉ. असद इमाम, सह-निदेशक इंजीनियर आदिल इमाम तथा मिल्लिया फखरुद्दीन अली अहमद बीएड शिक्षक प्रशिक्षण महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. शहवाज रिजवी सहित संस्थान के सभी सदस्यों ने उन्हें बधाई दी। उन्होंने डॉ. ध्रुव कुमार के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए उम्मीद जताई कि वे आगे भी कला और शिक्षा के क्षेत्र में अपनी प्रतिभा से संस्थान, जिले और बिहार का नाम रोशन करते रहेंगे।















