
@ साहित्यकारों ने कहा – स्वतंत्रता आंदोलन में पत्रकारिता के जरिए निभाई अहम भूमिका
प्रदीप विद्रोही
भागलपुर। साहित्यिक संस्था साहित्य सफर की ओर से देशभक्त पत्रकार एवं स्वतंत्रता सेनानी गणेश शंकर विद्यार्थी की 133वीं जयंती की पूर्व संध्या पर मंदरोजा स्थित प्रगति शिक्षण संस्थान में समारोह आयोजित किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता संस्था के संस्थापक जगतराम साह कर्णपुरी ने की। साहित्यकार रंजन कुमार राय ने उनके तैलचित्र पर माल्यार्पण कर समारोह का शुभारंभ किया। उपस्थित साहित्यकारों और कवियों ने भी पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी।

इस अवसर पर रंजन कुमार राय ने कहा कि गणेश शंकर विद्यार्थी ने पत्रकारिता के माध्यम से स्वतंत्रता आंदोलन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और अंग्रेजी हुकूमत की नीतियों का निर्भीकता से विरोध किया। इसके कारण उन्हें 1921 से 1931 के बीच पांच बार जेल जाना पड़ा।
मुख्य अतिथि साहित्यकार प्रेम कुमार प्रिय ने कहा कि गणेश शंकर विद्यार्थी का हिंदी पत्रकारिता में अतुलनीय योगदान रहा। उनमें लोकसेवा की भावना प्रबल थी। उन्होंने अनेक पत्रकारों को प्रेरित कर हिंदी पत्रकारिता को नई दिशा दी।
अध्यक्षीय संबोधन में जगतराम साह कर्णपुरी ने कहा कि गणेश शंकर विद्यार्थी ने ‘स्वराज’, ‘कर्मयोगी’, ‘वंदेमातरम’ और ‘अभ्युदय’ जैसे पत्रों से जुड़कर पत्रकारिता की। बाद में उन्होंने कानपुर से ‘प्रताप’ का संपादन किया। इस समाचार पत्र ने स्वतंत्रता आंदोलन को नई दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। समारोह को अजय शंकर प्रसाद, मुदित कुमार झा ‘मुदित’, ओम प्रकाश, देवेंद्र कुमार दास, शिवम कुमार, नवल किशोर सिंह और राजीव रंजन ने भी संबोधित किया।
















