
भागलपुर। जिले के शाहकुंड अंचल में राजस्व कार्यों के निष्पादन और जनशिकायतों के निपटारे में कथित लापरवाही को लेकर जिला प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। जिलाधिकारी अलंकृता पांडेय के आदेश पर शाहकुंड की अंचल अधिकारी हर्षा कोमल को पद से हटा दिया गया है। उन पर राजस्व संबंधी महत्वपूर्ण कार्यों में शिथिलता बरतने, आम लोगों की शिकायतों के प्रति उदासीन रहने और कई मामलों का समय पर निष्पादन नहीं करने के आरोप लगाए गए हैं।

जिला प्रशासन की ओर से जारी आदेश के अनुसार, अंचल न्यायालय में लंबित मामलों का समय पर निपटारा नहीं करने, अतिक्रमण से संबंधित मामलों में अपेक्षित कार्रवाई नहीं करने और निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप राजस्व वसूली में शिथिलता बरतने जैसी कमियों को कार्रवाई का आधार बनाया गया है। प्रशासन ने इन विषयों को जनहित से जुड़ा मानते हुए अंचल अधिकारी को हटाने का निर्णय लिया है।
राजस्व अधिकारी उज्ज्वल कुमार को मिली जिम्मेदारी
हर्षा कोमल को जिला मुख्यालय में योगदान देने और अगले आदेश तक वहीं अपनी उपस्थिति बनाए रखने का निर्देश दिया गया है। आदेश के अनुसार, उन्हें पत्र प्राप्त होने के 24 घंटे के भीतर अंचल का संपूर्ण प्रभार, जिसमें वित्तीय प्रभार भी शामिल है, राजस्व अधिकारी उज्ज्वल कुमार को सौंपना था।
वहीं, राजस्व अधिकारी उज्ज्वल कुमार को तत्काल प्रभाव से प्रभारी अंचल अधिकारी की जिम्मेदारी सौंपी गई है। अब शाहकुंड अंचल में राजस्व कार्यों के संचालन और लंबित मामलों के निष्पादन की जिम्मेदारी उनके पास होगी।
सितंबर में जिलाधिकारी के निरीक्षण के दौरान सामने आई थीं कमियां

शाहकुंड अंचल कार्यालय की कार्यप्रणाली को लेकर मामला सितंबर में भी चर्चा में आया था। 28 सितंबर को जिलाधिकारी अलंकृता पांडेय ने शाहकुंड प्रखंड एवं अंचल कार्यालय का औचक निरीक्षण किया था। निरीक्षण के दौरान अंचल अधिकारी कार्यालय में मौजूद नहीं मिली थीं। फोन पर संपर्क किए जाने पर उन्होंने उच्च न्यायालय से संबंधित कार्य के सिलसिले में जिला मुख्यालय में होने की जानकारी दी थी।
निरीक्षण के दिन सोमवार होने के बावजूद कार्यालय में निर्धारित व्यवस्था के अनुसार जनता दरबार आयोजित नहीं किया गया था। इसके अलावा, कार्यालय के सूचना पट्ट पर आम लोगों से मिलने का समय भी अंकित नहीं पाया गया था।
निरीक्षण के दौरान जमीन विवाद से जुड़ी शिकायतें लेकर कई फरियादी कार्यालय पहुंचे थे। समाचार रिपोर्ट के अनुसार, कुछ लोग कार्यालय की कार्यप्रणाली से असंतुष्ट थे। दाखिल-खारिज और परिमार्जन से संबंधित मामलों में भी बड़ी संख्या में प्रकरण लंबित पाए गए थे।
जमीन से जुड़े मामलों में देरी से परेशान होते हैं लोग
अंचल कार्यालय की जिम्मेदारी केवल राजस्व वसूली तक सीमित नहीं है। दाखिल-खारिज, भूमि अभिलेखों में सुधार, अतिक्रमण की शिकायतों और जमीन विवादों से जुड़े मामलों का निष्पादन भी इसी कार्यालय के माध्यम से होता है। इन कार्यों में देरी होने से आम लोगों को बार-बार कार्यालय का चक्कर लगाना पड़ता है।
दाखिल-खारिज और परिमार्जन के मामले लंबित रहने से भूमि अभिलेखों को दुरुस्त कराने में परेशानी होती है। वहीं, जमीन विवाद और अतिक्रमण की शिकायतों पर समय पर कार्रवाई नहीं होने से विवाद लंबे समय तक बने रह सकते हैं।
अब लंबित मामलों के निष्पादन पर रहेगी नजर
अंचल अधिकारी को हटाने की कार्रवाई के बाद अब शाहकुंड में राजस्व कार्यों की गति और जनशिकायतों के निपटारे पर नजर रहेगी। नए प्रभारी अंचल अधिकारी उज्ज्वल कुमार के सामने कार्यालय की नियमित कार्यप्रणाली सुनिश्चित करने, लंबित मामलों को आगे बढ़ाने और आम लोगों की शिकायतों पर समयबद्ध कार्रवाई करने की चुनौती होगी।















