
देशभक्ति के रंग में रंगा विद्यालय परिसर
नवगछिया। दीपावली एवं छठ पूजा के पावन अवसर पर बाल भारती, पोस्ट ऑफिस रोड, नवगछिया परिवार की छात्राओं ने देश की रक्षा के लिए अपने प्राणों की आहुति देने वाले वीर शहीदों को अनूठे अंदाज में भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। देश की आजादी और सुरक्षा के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर करने वाले वीर शहीदों के सम्मान, उनके बलिदान को स्मरण करने और नई पीढ़ी में देशभक्ति की भावना जागृत करने के उद्देश्य से विद्यालय परिसर में ‘शहीदों के नाम एक दीया’ कार्यक्रम के अंतर्गत आकर्षक रंगोली निर्माण का आयोजन किया गया।

इस अवसर पर नवम एवं दशम वर्ग की छात्राओं ने पूरे उत्साह, उमंग और देशभक्ति की भावना के साथ अपनी रचनात्मक प्रतिभा का सुंदर प्रदर्शन किया। छात्राओं ने रंग-बिरंगी रंगोली, दीपों एवं मनमोहक कलात्मक आकृतियों के माध्यम से विद्यालय परिसर को आकर्षक रूप प्रदान किया। रंगोली के माध्यम से उन्होंने देश के अमर वीर शहीदों के प्रति अपनी कृतज्ञता, श्रद्धा और सम्मान की भावनाओं को अभिव्यक्त किया।
दीपों की जगमगाती रोशनी और रंगों की सुंदर छटा ने पूरे वातावरण को देशभक्ति एवं उल्लास के रंगों से सराबोर कर दिया। इस अवसर पर छात्राओं ने संदेश दिया कि शहीदों का बलिदान कभी भुलाया नहीं जा सकता। उनके नाम जलाया गया प्रत्येक दीप और बनाई गई रंगोली हमारी कृतज्ञता, सम्मान और राष्ट्रप्रेम का प्रतीक है।
विद्यालय के सचिव अभय प्रकाश मुनका एवं प्राचार्य कौशल किशोर जायसवाल ने छात्राओं के इस सराहनीय प्रयास की प्रशंसा की। वहीं शिक्षक सुनील कुमार पाठक, राजकमल झा, राहुल झा तथा शिक्षिकाओं बिंदु, दीपा झा, अंकिता, प्रगति एवं दीप शिखा ने छात्राओं का उत्साहवर्धन किया।
विद्यालय के प्राचार्य कौशल किशोर जायसवाल ने कहा कि इस प्रकार के आयोजन विद्यार्थियों में देशभक्ति, राष्ट्रीय एकता, सामाजिक संवेदनशीलता और रचनात्मकता की भावना को मजबूत करते हैं। कार्यक्रम के माध्यम से विद्यार्थियों को देश के वीर सपूतों के प्रति सम्मान और कृतज्ञता व्यक्त करने का अवसर मिला।
यह आयोजन केवल रंगोली और दीपों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि देश के अमर शहीदों को नमन करने तथा नई पीढ़ी में राष्ट्रप्रेम की अलख जगाने का एक महत्वपूर्ण माध्यम बन गया। छात्राओं की इस अनूठी पहल ने यह संदेश दिया कि देश के लिए अपने प्राण न्योछावर करने वाले वीर शहीदों को सच्ची श्रद्धांजलि उनके आदर्शों को अपनाकर और राष्ट्रप्रेम की भावना को आगे बढ़ाकर ही दी जा सकती है।
















