
दीपावली एवं छठ पर्व की छुट्टी से पहले विद्यालय में रंगोली निर्माण प्रतियोगिता का आयोजन, विद्यार्थियों की रचनात्मकता और कलात्मक प्रतिभा ने मोहा मन
नवगछिया। एनएच-31 स्थित मकंदपुर चौक के समीप हरनाथचक में संचालित अरविंद मेमोरियल पब्लिक स्कूल में दीपावली एवं छठ पूजा के अवसर पर होने वाले अवकाश से पहले रंगोली निर्माण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर विद्यालय के छात्र-छात्राओं ने अपनी कल्पनाशीलता, कलात्मक प्रतिभा और रचनात्मक सोच का परिचय देते हुए एक से बढ़कर एक आकर्षक एवं मनमोहक रंगोलियां बनाईं। रंग-बिरंगे रंगों से सजी इन रंगोलियों ने विद्यालय परिसर को उत्सव के रंग में रंग दिया।

विद्यार्थियों ने पारंपरिक कलाकृतियों के साथ-साथ विभिन्न विषयों पर आधारित रंगोलियों का निर्माण किया। रंगों के सुंदर संयोजन, आकर्षक आकृतियों और बारीक कलाकारी के माध्यम से बच्चों ने अपनी प्रतिभा को प्रदर्शित किया। कुछ रंगोलियों में दीपावली और छठ पर्व की झलक दिखाई दी, तो कुछ के माध्यम से सामाजिक संदेश देने का प्रयास किया गया। बच्चों की मेहनत और उनकी रचनात्मक अभिव्यक्ति ने उपस्थित लोगों का ध्यान आकर्षित किया।
निर्देशिका आशा सिंह ने बढ़ाया बच्चों का उत्साह
इस अवसर पर विद्यालय की निर्देशिका आशा सिंह ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि इस प्रकार की गतिविधियां बच्चों के सर्वांगीण विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। पढ़ाई के साथ-साथ कला और रचनात्मक गतिविधियों में भाग लेने से बच्चों की कल्पनाशक्ति, आत्मविश्वास और अभिव्यक्ति की क्षमता विकसित होती है। उन्होंने बच्चों द्वारा बनाई गई रंगोलियों की सराहना करते हुए कहा कि प्रत्येक रंगोली में उनकी मेहनत, सोच और प्रतिभा दिखाई देती है।
संचालक अमरेंद्र सिंह ने परंपरा और रचनात्मकता का बताया महत्व
विद्यालय के संचालक अमरेंद्र सिंह उर्फ मुन्ना ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि दीपावली और छठ जैसे पर्व हमारी संस्कृति, परंपरा और सामाजिक एकता के प्रतीक हैं। ऐसे अवसरों पर विद्यालय में रंगोली निर्माण जैसी गतिविधियों का आयोजन बच्चों को अपनी संस्कृति से जोड़ने के साथ-साथ उनकी छिपी प्रतिभा को सामने लाने का अवसर प्रदान करता है। उन्होंने कहा कि बच्चों ने अपनी कला के माध्यम से जिस तरह सुंदर रंगोलियां तैयार की हैं, वह सराहनीय है। विद्यार्थियों को पढ़ाई के साथ-साथ सांस्कृतिक और रचनात्मक गतिविधियों में भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लेना चाहिए।

प्राचार्य सौरभ सुमन ने की विद्यार्थियों की सराहना
विद्यालय के प्राचार्य सौरभ सुमन ने कहा कि बच्चों के भीतर असीम प्रतिभा होती है। आवश्यकता केवल उन्हें उचित मंच और प्रोत्साहन देने की है। रंगोली निर्माण जैसी गतिविधियों से बच्चों में एकाग्रता, धैर्य, आपसी सहयोग और कलात्मक समझ विकसित होती है। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों ने अपनी कल्पनाशक्ति से एक से बढ़कर एक रंगोलियां तैयार कर विद्यालय परिसर को आकर्षक बना दिया। उन्होंने सभी प्रतिभागियों के प्रयासों की सराहना करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
कार्यक्रम के दौरान विद्यालय परिसर में उत्साह और उल्लास का वातावरण बना रहा। रंगोलियों के माध्यम से बच्चों ने न केवल अपनी कलात्मक प्रतिभा का प्रदर्शन किया, बल्कि त्योहारों की खुशियों, सामाजिक जागरूकता और सकारात्मक संदेशों को भी खूबसूरती से प्रस्तुत किया। इस आयोजन ने विद्यार्थियों को अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर देने के साथ दीपावली एवं छठ पर्व के उत्साह को भी दोगुना कर दिया।















