



मृतका के परिजनों ने न्याय की लगाई गुहार, परिवार की सुरक्षा की भी जताई चिंता
नवगछिया पुलिस जिला के रंगरा थाना क्षेत्र अंतर्गत चापर दियारा निवासी किशोरी मंडल ने अपनी पुत्री आरती कुमारी की हत्या के मामले में न्याय की गुहार लगाते हुए देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, केंद्रीय गृहमंत्री, राज्यपाल, मुख्य सचिव, डीजीपी व भागलपुर डीआईजी को आवेदन भेजा है। उन्होंने रंगरा थाना कांड संख्या 106/25 की जांच सीबीआई से कराने, दिव्यांग पुत्र को सरकारी नौकरी देने तथा 50 लाख रुपये मुआवजा प्रदान करने की मांग की है।

आवेदन में उल्लेख है कि किशोरी मंडल की पुत्री आरती कुमारी 30 मई 2025 को जीबी कॉलेज नवगछिया जाने के लिए घर से निकली थी, लेकिन देर शाम तक वापस नहीं लौटी। परिजनों ने उसी दिन रंगरा थाना समेत पुलिस अधिकारियों को सूचना दी, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। इस दौरान मृतका का मोबाइल नंबर 72 घंटे तक ऑन रहा।

1 जून को रंगरा थाना में एफआईआर दर्ज हुई और 3 जून को आरती का शव एक मकई के खेत से विभत्स स्थिति में बरामद किया गया। मौके पर उसकी साइकिल और कॉलेज से जुड़े दस्तावेज भी मिले। अपराधियों ने पहचान छुपाने के लिए मृतका के चेहरे पर केमिकल डाल दिया था, जिससे चेहरा और सिर के बाल पूरी तरह जल चुके थे।
पुलिस की ओर से दावा किया गया कि एक युवक ने शादी से इनकार किए जाने पर गला दबाकर हत्या कर शव को खेत में फेंक दिया। लेकिन परिजन इसे सुनियोजित साजिश मानते हैं। उनका सवाल है कि क्या एक युवक अकेले 19 वर्षीय युवती की हत्या कर सकता है और शव को खेत में इतनी सफाई से छिपा सकता है?
पीड़ित परिवार का कहना है कि इस जघन्य हत्याकांड के बाद उनका पूरा परिवार डरा-सहमा हुआ है। उन्हें किसी अनहोनी की आशंका है। उन्होंने अपने व अपने परिवार की सुरक्षा की भी मांग की है।
परिजनों ने सरकार से मांग की है कि इस कांड की सीबीआई से जांच कराई जाए ताकि असली दोषियों को सजा मिल सके। साथ ही मृतका के दिव्यांग भाई को सरकारी नौकरी एवं आर्थिक रूप से क्षतिपूर्ति हेतु 50 लाख रुपये मुआवजा प्रदान किया जाए।














