


नवगछिया। पोस्ट ऑफिस रोड स्थित बाल भारती में सोमवार को हिंदी दिवस के अवसर पर कार्यक्रम आयोजित कर हिंदी भाषा के प्रति सम्मान, प्रेम और जागरूकता का संदेश दिया गया। कार्यक्रम में विद्यालय के विद्यार्थियों के साथ शिक्षक-शिक्षिकाओं ने हिंदी के महत्व और वर्तमान समय में इसकी उपयोगिता पर अपने विचार रखे।

कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलित कर तथा मां सरस्वती के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर किया गया। इस अवसर पर विद्यालय के प्राचार्य कौशल किशोर जायसवाल, वरिष्ठ शिक्षक सुनील कुमार पाठक, के. मिश्रा, राजेश रोशन और बिंदु देवी सहित अन्य शिक्षक-शिक्षिकाएं मौजूद रहे।
कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने भाषण के माध्यम से हिंदी भाषा के महत्व पर प्रकाश डाला। विद्यार्थियों ने कहा कि हिंदी केवल बोलचाल की भाषा नहीं, बल्कि देश की सभ्यता, संस्कृति और सामाजिक जीवन से जुड़ी भाषा है। उन्होंने हिंदी को अपनी पहचान बताते हुए दैनिक जीवन में इसके अधिकाधिक प्रयोग का संदेश दिया।

वरिष्ठ शिक्षक सुनील कुमार पाठक ने कहा कि हिंदी को मां के समान सम्मान देना चाहिए। हिंदी देश की सांस्कृतिक पहचान और राष्ट्रीय जीवन का महत्वपूर्ण आधार है। उन्होंने विद्यार्थियों से हिंदी भाषा के प्रति सम्मान बनाए रखने और इसके प्रचार-प्रसार में योगदान देने की अपील की।
शिक्षक के. सी मिश्रा ने हिंदी के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि हिंदी हमारी मातृभाषा है। हमें हिंदी बोलने और लिखने में संकोच नहीं करना चाहिए। भाषा के प्रति सम्मान तभी मजबूत होगा, जब हम इसे अपने व्यवहार और दैनिक जीवन में प्राथमिकता देंगे।
शिक्षिका बिंदु देवी ने भी विद्यार्थियों को हिंदी के महत्व की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि हिंदी भाषा हमारी संस्कृति और परंपराओं से जुड़ी हुई है। विद्यार्थियों को हिंदी साहित्य पढ़ने और भाषा की शुद्धता पर ध्यान देने के लिए प्रेरित किया।
शिक्षक राजेश रोशन ने कहा कि हिंदी ज्ञान और विचारों को लोगों तक पहुंचाने का प्रभावी माध्यम है। भाषा के माध्यम से व्यक्ति अपने विचारों और अनुभवों को सहजता से दूसरों तक पहुंचाता है। इसलिए हिंदी के प्रति रुचि और सम्मान बनाए रखना जरूरी है।
विद्यालय के प्राचार्य कौशल किशोर जायसवाल ने हिंदी दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि हिंदी एक समृद्ध भाषा है और इसकी गौरव एवं गरिमा को बनाए रखना सभी की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि हिंदी हमारी पहचान से जुड़ी हुई है। विद्यार्थियों को हिंदी भाषा को सीखने, समझने और उसके सही प्रयोग पर ध्यान देना चाहिए। उन्होंने कहा कि भाषा का सम्मान उसके व्यवहारिक प्रयोग से होता है, इसलिए विद्यार्थियों को अपने दैनिक जीवन में हिंदी के प्रयोग को बढ़ावा देना चाहिए।
कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को हिंदी भाषा के इतिहास, महत्व और उपयोगिता के बारे में भी जानकारी दी गई। शिक्षकों ने विद्यार्थियों को हिंदी भाषा एवं साहित्य के प्रति रुचि विकसित करने और भाषा की शुद्धता बनाए रखने के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम का समापन हिंदी के प्रति सम्मान और इसके निरंतर प्रयोग का संदेश देते हुए हुआ।
















