


भागलपुर। बरारी पुल घाट पर चलती नाव से गंगा नदी में छलांग लगाने वाले युवक का शव शनिवार सुबह बरामद कर लिया गया। शव सबसे पहले एंबुलेंस बनी नाव के नाविक लाल बहादुर मंडल की नजर में आया। इसके बाद उन्होंने तत्काल इसकी सूचना नियंत्रण कक्ष में मौजूद आपदा मित्र अमित कुमार को दी।
सूचना मिलते ही आपदा मित्रों ने त्वरित कार्रवाई शुरू कर दी। एंबुलेंस नाव से मौके पर पहुंचे आपदा मित्र अमित कुमार ने शव को रस्सी से बांधा और इसकी जानकारी एसडीआरएफ टीम को दी। इसके बाद आपदा मित्र अमित कुमार, तुलसी यादव और सनोज कुमार ने संयुक्त रूप से गंगा नदी से शव को रस्सी के सहारे किनारे तक पहुंचाया।

बाद में एसडीआरएफ टीम की मदद से शव को नदी से बाहर निकाला गया। करीब आधे घंटे बाद बरारी थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार युवक ने 20 मई को नाव से गंगा नदी में छलांग लगाकर आत्महत्या कर ली थी। घटना के दिन एसडीआरएफ टीम ने काफी देर तक खोजबीन की थी, लेकिन शव बरामद नहीं हो सका था। शनिवार सुबह शव पानी के ऊपर आने के बाद उसे बाहर निकाला गया। बताया जा रहा है कि युवक ने लूजर और शर्ट पहन रखी थी तथा शव पूरी तरह फूल चुका था।

स्थानीय लोगों के अनुसार 3 मई की रात विक्रमशिला सेतु के एक हिस्से के क्षतिग्रस्त होने के बाद नवगछिया आने-जाने के लिए नाव ही लोगों का मुख्य सहारा बनी हुई है। रोजाना बड़ी संख्या में यात्री नाव के जरिए गंगा पार कर रहे हैं। यात्रियों की सुरक्षा और निगरानी के लिए घाट पर आपदा मित्रों, एसडीआरएफ टीम और जिला प्रशासन के कर्मियों की लगातार तैनाती की गई है।
















