


भागलपुर।बिहार कृषि विश्वविद्यालय (बीएयू), सबौर में आयोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय आम समागम-सह-कार्यशाला का रविवार को सफलतापूर्वक समापन हुआ। समापन समारोह में बिहार के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल सैयद अता हसनैन एवं बिहार सरकार के कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा को मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होना था, लेकिन लगातार बारिश और खराब मौसम के कारण उनका हेलीकॉप्टर सबौर नहीं पहुंच सका। इसके बाद दोनों अतिथियों ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से समारोह को संबोधित किया।
अपने संबोधन में राज्यपाल ने बिहार कृषि विश्वविद्यालय द्वारा आम उत्पादन, अनुसंधान एवं किसानों को नई तकनीक से जोड़ने के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि कृषि में आधुनिक तकनीक, वैज्ञानिक अनुसंधान और किसानों की सक्रिय भागीदारी से उत्पादन एवं गुणवत्ता दोनों में वृद्धि संभव है। उन्होंने किसानों से वैज्ञानिकों द्वारा विकसित नई तकनीकों को अपनाने की अपील की।
कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने भी वर्चुअल माध्यम से कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि बिहार सरकार बागवानी और फल उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए लगातार प्रयासरत है। उन्होंने कहा कि आम की उन्नत खेती, नई किस्मों का विकास तथा आधुनिक तकनीकों के उपयोग से किसानों की आय बढ़ाई जा सकती है। सरकार किसानों को तकनीकी सहायता और आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है।
समापन समारोह में भागलपुर के सांसद अजय मंडल, भागलपुर विधायक रोहित पांडेय, सुल्तानगंज विधायक ललित कुमार एवं पीरपैंती विधायक मुरारी प्रसाद सहित कई जनप्रतिनिधि, कृषि वैज्ञानिक, विश्वविद्यालय के अधिकारी और बड़ी संख्या में किसान मौजूद रहे।

दो दिवसीय राष्ट्रीय आम समागम में देश के विभिन्न राज्यों से आए किसानों, बागवानी विशेषज्ञों, कृषि वैज्ञानिकों एवं आम उत्पादकों ने भाग लिया। कार्यक्रम के दौरान आम की विभिन्न उन्नत किस्मों की प्रदर्शनी लगाई गई, जहां किसानों ने नई प्रजातियों, आधुनिक बागवानी तकनीकों, पौध संरक्षण, प्रसंस्करण एवं विपणन से संबंधित जानकारी प्राप्त की।
कार्यशाला में विशेषज्ञों ने किसानों को जलवायु परिवर्तन के अनुरूप आम की खेती, रोग एवं कीट नियंत्रण, उच्च गुणवत्ता वाले पौधों के चयन तथा उत्पादन बढ़ाने के वैज्ञानिक तरीकों की जानकारी दी। साथ ही आम की खेती को लाभकारी बनाने और किसानों की आय में वृद्धि के उपायों पर भी विस्तार से चर्चा की गई।
समारोह के दौरान वक्ताओं ने बिहार में आम उत्पादन की अपार संभावनाओं पर जोर देते हुए कहा कि राज्य की जलवायु और मिट्टी आम की खेती के लिए अनुकूल है। यदि वैज्ञानिक तकनीकों का व्यापक स्तर पर उपयोग किया जाए तो बिहार देश के प्रमुख आम उत्पादक राज्यों में अपनी मजबूत पहचान बना सकता है।
राष्ट्रीय आम समागम का समापन किसानों, वैज्ञानिकों और जनप्रतिनिधियों के बीच कृषि क्षेत्र में नवाचार, अनुसंधान और आधुनिक तकनीकों के बेहतर समन्वय के संकल्प के साथ हुआ।
















