


भागलपुर। बिहार सरकार के निर्देशानुसार रविवार को जिले की सभी ग्राम पंचायतों में उत्साहपूर्वक पंचायत विकास दिवस मनाया गया। इस अवसर पर विभिन्न पंचायतों में ग्रामसभा, विकास योजनाओं की समीक्षा, जनजागरूकता कार्यक्रम तथा आम लोगों के साथ संवाद का आयोजन किया गया। बरारी ग्राम पंचायत में आयोजित मुख्य कार्यक्रम के उपरांत जिलाधिकारी अलंकृता पांडे ने कहा कि पंचायतों के समग्र और सतत विकास के लिए जनभागीदारी सबसे महत्वपूर्ण आधार है।
जिलाधिकारी ने बताया कि राज्य सरकार के निर्देश के अनुरूप प्रत्येक माह के अंतिम रविवार को पंचायत विकास दिवस का आयोजन किया जा रहा है। इसी क्रम में रविवार को बरारी पंचायत सहित जिले की सभी ग्राम पंचायतों में विकास योजनाओं की समीक्षा, जनसहभागिता बढ़ाने तथा पंचायतों की आवश्यकताओं पर चर्चा के लिए विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए गए।
उन्होंने कहा कि बरारी पंचायत में आयोजित कार्यक्रम में जिले के प्रभारी सचिव भी शामिल हुए। कार्यक्रम में महिलाओं, स्कूली बच्चों, युवाओं तथा ग्रामीणों की उत्साहपूर्ण भागीदारी देखने को मिली। बड़ी संख्या में लोगों की उपस्थिति इस बात का संकेत है कि अब पंचायत स्तर पर विकास कार्यों के प्रति लोगों की जागरूकता लगातार बढ़ रही है और वे विकास प्रक्रिया में सक्रिय भूमिका निभाना चाहते हैं।

जिलाधिकारी ने कहा कि पंचायतों का वास्तविक विकास तभी संभव है, जब आम नागरिक स्वयं विकास योजनाओं में भागीदारी निभाएं। ग्रामसभा के माध्यम से स्थानीय समस्याओं की पहचान, विकास योजनाओं का चयन और उनके प्रभावी क्रियान्वयन में ग्रामीणों की सहभागिता अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने लोगों से अपने-अपने पंचायतों के विकास एवं सशक्तिकरण के लिए सक्रिय सहयोग देने की अपील की।
उन्होंने कहा कि सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना प्रशासन की प्राथमिकता है। इसके लिए पंचायत स्तर पर पारदर्शिता, जवाबदेही और जनसहभागिता को लगातार मजबूत किया जा रहा है।
संवाददाताओं द्वारा भागलपुर में अब तक के उनके कार्यकाल के अनुभव के संबंध में पूछे गए प्रश्न पर जिलाधिकारी ने कहा कि जिले में अब तक का उनका अनुभव काफी सकारात्मक रहा है। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन पूरी टीम भावना के साथ कार्य कर रहा है और सभी विभागों के अधिकारियों, कर्मचारियों तथा आम नागरिकों के सहयोग से भागलपुर को विकास के नए आयाम तक पहुंचाने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं।
उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि प्रशासन और आम जनता के आपसी सहयोग से पंचायतों का समग्र विकास सुनिश्चित होगा तथा ग्रामीण क्षेत्रों में आधारभूत सुविधाओं, शिक्षा, स्वास्थ्य, स्वच्छता और आजीविका से जुड़ी योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन संभव हो सकेगा।
















