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@ भागलपुर में गंगा दोपहर 2 बजे 33.52 मीटर दर्ज हुआ। खतरे का स्तर 33.68 मीटर है। यानी गंगा फिलहाल डेंजर लेवल से महज 16 सेंटीमीटर नीचे बह रही है। वहीं कहलगांव में भी गंगा का पानी बढ़ा है। यहां जलस्तर 31.91 मीटर दर्ज किया गया। खतरे के निशान 31.09 मीटर की तुलना में यह 82 सेंटीमीटर ऊपर है।

प्रदीप विद्रोही
भागलपुर। बिहार की नदियां गुरुवार दोपहर एक साथ दो अलग-अलग तस्वीरें दिखा रही हैं। कहीं जलस्तर नीचे उतर रहा है तो कहीं नदी का पानी धीरे-धीरे ऊपर चढ़ रहा है। जल संसाधन विभाग के केंद्रीय बाढ़ नियंत्रण कक्ष की दोपहर 2 बजे की रिपोर्ट में 31 महत्वपूर्ण नदी निगरानी स्टेशनों का जलस्तर दर्ज किया गया है।
सबसे ज्यादा नजर भागलपुर की गंगा पर है। यहां दोपहर 2 बजे नदी का जलस्तर 33.52 मीटर दर्ज हुआ, जो कल के 33.48 मीटर से 4 सेंटीमीटर बढ़ा है। खतरे का स्तर 33.68 मीटर है। यानी गंगा फिलहाल डेंजर लेवल से महज 16 सेंटीमीटर नीचे बह रही है। यह आंकड़ा भागलपुर में नदी की स्थिति पर लगातार नजर बनाए रखने की जरूरत बताता है। वहीं कहलगांव में भी गंगा का पानी बढ़ा है। यहां जलस्तर 31.91 मीटर दर्ज किया गया, जो पिछले 24 घंटे में 1 सेंटीमीटर ऊपर गया। खतरे के निशान 31.09 मीटर की तुलना में यह 82 सेंटीमीटर ऊपर है।
गंडक ने भी बढ़ाई चौकसी की वजह:
गंडक नदी की तस्वीर भी पूरी तरह एक जैसी नहीं है। डुमरियाघाट में नदी 62.53 मीटर पर है, जो खतरे के स्तर 62.22 मीटर से 31 सेंटीमीटर ऊपर है। हालांकि पिछले 24 घंटे में यहां जलस्तर 10 सेंटीमीटर घटा है।
खगड़िया में बूढ़ी गंडक 37.22 मीटर पर पहुंची है। यहां नदी खतरे के स्तर से 64 सेंटीमीटर ऊपर है और बीते 24 घंटे में जलस्तर 11 सेंटीमीटर बढ़ा है। यही बढ़त इसे निगरानी वाले प्रमुख स्थानों में शामिल करती है।
कोसी भी कुछ स्थानों पर खतरे के ऊपर:
कोसी नदी भी अलग-अलग स्टेशनों पर अलग रुख दिखा रही है। बलतारा में जलस्तर 34.54 मीटर है, जो खतरे के स्तर से 69 सेंटीमीटर ऊपर है। सुपौल के बसुआ में पानी 46.82 मीटर दर्ज हुआ, जबकि यहां यह खतरे के स्तर से 93 सेंटीमीटर नीचे है। कुरसेला में भी नदी खतरे के स्तर से 63 सेंटीमीटर ऊपर है।
राहत की तस्वीर भी मौजूद:
रिपोर्ट में कई नदियों के जलस्तर में गिरावट दर्ज की गई है। पुनपुन के श्रीपालपुर में पानी 32 सेंटीमीटर घटा, जबकि अधवारा समूह की एकमिघाट साइट पर 30 सेंटीमीटर की गिरावट दर्ज हुई। झंझारपुर में कमलाबलान 24 सेंटीमीटर नीचे आई है। कमला नदी के जयनगर स्टेशन पर भी जलस्तर 12 सेंटीमीटर घटा है। बागमती के बेनीबाद में नदी 21 सेंटीमीटर नीचे आई है, जबकि ढेंग ब्रिज पर 11 सेंटीमीटर की कमी दर्ज हुई।
सबसे ज्यादा बढ़ोतरी कहां:
24 घंटे की तुलना में निगरानी केंद्रों में महनंदा नदी के तैयबपुर स्टेशन पर 37 सेंटीमीटर की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। इसके बाद गंगा के भागलपुर में 4 सेंटीमीटर और बूढ़ी गंडक के खगड़िया तथा समस्तीपुर में 11-11 सेंटीमीटर की वृद्धि दर्ज हुई।
फिलहाल तस्वीर क्या कहती है:
जल संसाधन विभाग के आंकड़े बताते हैं कि बिहार में बाढ़ की स्थिति को केवल एक नदी या एक जिले के आंकड़े से नहीं समझा जा सकता। कई स्थानों पर पानी घट रहा है, लेकिन कुछ संवेदनशील स्टेशनों पर जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर है या उसके बेहद करीब पहुंच चुका है।


खासकर भागलपुर में गंगा का खतरे के निशान से महज 16 सेंटीमीटर नीचे होना स्थानीय स्तर पर सतर्क निगरानी को महत्वपूर्ण बनाता है। वहीं डुमरियाघाट, खगड़िया, कहलगांव, बलतारा और कुरसेला जैसे स्थानों पर खतरे के स्तर से ऊपर दर्ज जलस्तर भी प्रशासन और तटवर्ती आबादी के लिए महत्वपूर्ण संकेत है।

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