


आंतरिक संसाधन एवं केंद्रीय सहायता समिति का हुआ गठन, 31 मार्च 2027 तक रहेगा कार्यकाल
पटना। बिहार विधानसभा अध्यक्ष ने वित्तीय प्रबंधन और केंद्रीय सहायता से जुड़े विषयों की समीक्षा के लिए महत्वपूर्ण आंतरिक संसाधन एवं केंद्रीय सहायता समिति का गठन किया है। विधानसभा द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री एवं कटिहार विधायक तारकिशोर प्रसाद को समिति का सभापति (चेयरमैन) नियुक्त किया गया है।
बिहार विधानसभा सचिवालय की ओर से जारी अधिसूचना के मुताबिक समिति का गठन बिहार विधानसभा की प्रक्रिया तथा कार्य संचालन नियमावली के नियम-292 (ट) के तहत वित्तीय वर्ष 2026-27 की शेष अवधि के लिए किया गया है। समिति का कार्यकाल 31 मार्च 2027 तक निर्धारित किया गया है।
समिति में कुल छह सदस्य शामिल किए गए हैं। इनमें सभापति के रूप में तारकिशोर प्रसाद के अलावा विधायक संजीव चौरसिया, अरुण मांझी, कलाधर प्रसाद मंडल, राकेश रंजन और नितेश कुमार सिंह को सदस्य बनाया गया है। समिति के सचिव की जिम्मेदारी नियमानुसार विधानसभा सचिवालय द्वारा निभाई जाएगी।
विधानसभा सचिवालय से जारी आदेश पर प्रभारी सचिव पूनम सिंह के हस्ताक्षर हैं। आदेश की प्रतिलिपि राज्यपाल सचिवालय, मुख्य सचिव, महाधिवक्ता, महालेखाकार, वित्त विभाग, संसदीय कार्य विभाग समेत राज्य सरकार के सभी संबंधित विभागों को भेज दी गई है। साथ ही अधिसूचना को राजपत्र के आगामी असाधारण अंक में प्रकाशित कराने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है।
आंतरिक संसाधन एवं केंद्रीय सहायता समिति राज्य के वित्तीय संसाधनों के बेहतर उपयोग, राजस्व वृद्धि तथा केंद्र सरकार से मिलने वाली सहायता और योजनाओं की समीक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। ऐसे में तारकिशोर प्रसाद को समिति की कमान मिलना राजनीतिक और प्रशासनिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
समिति के गठन की घोषणा के बाद भाजपा कार्यकर्ताओं, समर्थकों और विभिन्न सामाजिक संगठनों ने तारकिशोर प्रसाद को बधाई दी है। समर्थकों ने उम्मीद जताई है कि उनके नेतृत्व में समिति राज्य के विकास और वित्तीय सुदृढ़ीकरण के लिए प्रभावी सुझाव एवं अनुशंसाएं प्रस्तुत करेगी।














