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बिना मान्यता चल रहे निजी स्कूलों पर सख्त कार्रवाई की तैयारी, 10 जून तक ई-संबंधन का अंतिम मौका

 

आरटीई कानून का उल्लंघन करने वाले विद्यालयों पर लगेगा एक लाख तक जुर्माना, प्रतिदिन 10 हजार रुपये अतिरिक्त दंड का भी प्रावधान

 

पूर्णिया । जिले में बिना मान्यता के संचालित हो रहे निजी विद्यालयों पर अब शिक्षा विभाग का शिकंजा कसने वाला है। जिला शिक्षा पदाधिकारी (डीईओ) रविन्द्र कुमार प्रकाश ने ऐसे विद्यालयों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश जारी किए हैं। शिक्षा विभाग ने स्पष्ट कर दिया है कि बिना प्रस्वीकृति (मान्यता) के संचालित विद्यालयों को 10 जून 2026 तक ई-संबंधन की प्रक्रिया पूरी करनी होगी, अन्यथा उनके विरुद्ध कानूनी कार्रवाई के साथ भारी जुर्माना लगाया जाएगा।

प्राइवेट स्कूल्स एंड चिल्ड्रेन वेलफेयर एसोसिएशन (पीएसडब्ल्यूए) पूर्णिया के जिला सचिव राजेश कुमार झा ने बताया कि जिला शिक्षा पदाधिकारी कार्यालय द्वारा सभी प्रखंड शिक्षा पदाधिकारियों एवं संबंधित कर्मियों को इस संबंध में निर्देश जारी किया गया है। जारी पत्र में बिना मान्यता के संचालित निजी विद्यालयों की पहचान कर उन्हें निर्धारित समय-सीमा के भीतर ई-संबंधन कराने का आदेश दिया गया है।

आरटीई कानून के उल्लंघन पर होगी कार्रवाई

शिक्षा विभाग ने बच्चों के मुफ्त एवं अनिवार्य शिक्षा का अधिकार अधिनियम-2009 (आरटीई एक्ट) का हवाला देते हुए कहा है कि किसी भी निजी विद्यालय का संचालन सक्षम प्राधिकार से मान्यता प्राप्त किए बिना नहीं किया जा सकता। अधिनियम की धारा 18 एवं 19 के तहत बिना प्रस्वीकृति विद्यालय संचालित करना दंडनीय अपराध है।

विभागीय निर्देश के अनुसार ऐसे विद्यालयों पर एक लाख रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है। वहीं निर्धारित अवधि के बाद भी विद्यालय संचालन जारी रहने पर प्रतिदिन 10 हजार रुपये अतिरिक्त जुर्माना वसूले जाने का प्रावधान है।

10 जून तक आवेदन का अंतिम अवसर

शिक्षा विभाग ने जिले के सभी गैर-मान्यता प्राप्त निजी विद्यालयों को अंतिम अवसर देते हुए 10 जून 2026 तक ई-संबंधन की प्रक्रिया पूरी करने का निर्देश दिया है। विद्यालय संचालकों को विभाग के ई-संबंधन पोर्टल पर आवश्यक दस्तावेजों के साथ ऑनलाइन आवेदन करना होगा।

विभागीय अधिकारियों के अनुसार जिले में कई ऐसे निजी विद्यालय संचालित हो रहे हैं जो अब तक मान्यता प्राप्त नहीं कर सके हैं। ऐसे विद्यालय शिक्षा के अधिकार कानून का उल्लंघन कर रहे हैं और बच्चों के भविष्य के साथ भी खिलवाड़ कर रहे हैं।

प्रखंड शिक्षा पदाधिकारियों को दिए गए निर्देश

जिला शिक्षा पदाधिकारी ने सभी प्रखंड शिक्षा पदाधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में बिना मान्यता वाले विद्यालयों की पहचान कर सूची तैयार करने का निर्देश दिया है। साथ ही 10 जून तक उनका ई-संबंधन सुनिश्चित कराने तथा विस्तृत प्रतिवेदन समग्र शिक्षा कार्यालय को उपलब्ध कराने को कहा गया है।

इसके अलावा निजी विद्यालय संघ को भी पत्र भेजकर इस संबंध में विद्यालय संचालकों को जागरूक करने और आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने का अनुरोध किया गया है।

अभिभावकों को भी सतर्क रहने की सलाह

शिक्षा विभाग ने अभिभावकों से अपील की है कि वे अपने बच्चों का नामांकन केवल मान्यता प्राप्त विद्यालयों में ही कराएं। किसी भी विद्यालय में नामांकन से पूर्व उसकी मान्यता एवं विभागीय स्वीकृति की जानकारी अवश्य प्राप्त करें, ताकि बच्चों की शिक्षा और भविष्य सुरक्षित रह सके।

शिक्षा विभाग की इस कार्रवाई से जिले में बिना मान्यता संचालित निजी विद्यालयों में हड़कंप मच गया है। आने वाले दिनों में विभाग द्वारा ऐसे विद्यालयों के खिलाफ व्यापक जांच और कार्रवाई की संभावना जताई जा रही है।

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