
पूर्णिया । आकाशवाणी के गौरवशाली 90 वर्षों की यात्रा के उपलक्ष्य में आकाशवाणी पूर्णिया के युववाणी अनुभाग द्वारा बुधवार को भोला पासवान शास्त्री कृषि महाविद्यालय, पूर्णिया के ऑडिटोरियम में आशु भाषण प्रतियोगिता एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं ने भाग लिया और आकाशवाणी के योगदान तथा राष्ट्र निर्माण में उसकी भूमिका पर अपने विचार प्रस्तुत किए।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि कृषि महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. डी.के. महतो थे। उन्होंने आयोजन की सराहना करते हुए कहा कि आकाशवाणी देश की सांस्कृतिक, सामाजिक और शैक्षणिक विरासत का महत्वपूर्ण माध्यम रहा है। उन्होंने युवाओं को ऐसे आयोजनों से प्रेरणा लेने और अपनी अभिव्यक्ति क्षमता को विकसित करने का आह्वान किया।
युववाणी अनुभाग के प्रमुख एवं कार्यक्रम समन्वयक शिवाजी झा ने कहा कि आकाशवाणी के 90 वर्षों की यात्रा केवल प्रसारण का इतिहास नहीं, बल्कि देश के सामाजिक और सांस्कृतिक विकास की कहानी भी है। उन्होंने कहा कि डिजिटल युग में भी आकाशवाणी अपनी विश्वसनीयता और जनसरोकारों के कारण लोगों के बीच लोकप्रिय है तथा विकसित भारत-2047 के संकल्प को साकार करने में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाने के लिए प्रतिबद्ध है।
उन्होंने बताया कि आकाशवाणी पूर्णिया द्वारा वर्षभर विभिन्न महाविद्यालयों और शिक्षण संस्थानों में कई कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं, ताकि युवाओं को आकाशवाणी की विरासत और उसकी भूमिका से अवगत कराया जा सके। बुधवार का कार्यक्रम भी इसी श्रृंखला का हिस्सा था।
कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण विभिन्न सांस्कृतिक प्रस्तुतियां रहीं। सृजन कला मंडलम के कलाकारों ने कृषि गीत पर मनमोहक लोकनृत्य प्रस्तुत कर दर्शकों की खूब वाहवाही बटोरी। वहीं लोकगायिका चांदनी शुक्ला एवं उनकी सहयोगी कलाकारों ने लोकगीत ‘पूर्वी’ की शानदार प्रस्तुति दी। इसके अलावा कलाकारों द्वारा प्रस्तुत जट-जटिन लोकनृत्य ने भी लोगों का ध्यान आकर्षित किया। छात्रा काव्या झा ने ओडिसी नृत्य प्रस्तुत कर कार्यक्रम में सांस्कृतिक रंग भर दिया।
इस अवसर पर आकाशवाणी पूर्णिया के वरिष्ठ सदस्य एवं पुस्तकालय प्रमुख संजय सिंह ने पूर्णिया केंद्र की स्थापना के शुरुआती दौर को याद करते हुए कहा कि आकाशवाणी ने समाज को जोड़ने और जनजागरूकता फैलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उन्होंने युवाओं से अपनी सांस्कृतिक विरासत और परंपराओं से जुड़े रहने का आह्वान किया।
आशु भाषण प्रतियोगिता में कृषि महाविद्यालय के कुल 10 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। प्रतियोगिता में कामाक्षी राज ने प्रथम स्थान, स्वाति कुमारी ने द्वितीय स्थान तथा सोनाली कुमारी ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। विजेताओं को सम्मानित कर पुरस्कृत किया गया।
कार्यक्रम प्रमुख आशीष कुमार सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि स्वतंत्रता के बाद राष्ट्र निर्माण में आकाशवाणी की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण रही है। आज भी देश के करोड़ों लोग विश्वसनीय समाचार और जानकारी के लिए आकाशवाणी पर भरोसा करते हैं। उन्होंने युवाओं को आकाशवाणी से जुड़ने और अपनी प्रतिभा को राष्ट्रीय मंच तक पहुंचाने के लिए प्रेरित किया।
प्रतियोगिता के निर्णायक मंडल में कृषि महाविद्यालय के डॉ. रणवीर कुमार, आकाशवाणी पूर्णिया के उद्घोषक कमलेश कुमार झा तथा गौरव पांडेय शामिल थे।
कार्यक्रम का संचालन विद्या भारती एवं सूरज साहनी ने किया। वहीं तकनीकी सहयोग के लिए वरिष्ठ अभियंत्रण कर्मी मुरारी मोहन सरकार, रमेश साह, अमित कुमार, बबूल यादव तथा दिलीप चंद्र दास उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के अंत में आयोजकों ने प्रतिभागियों, कलाकारों, वैज्ञानिकों एवं महाविद्यालय प्रशासन का आभार व्यक्त किया। आयोजन ने युवाओं को आकाशवाणी की समृद्ध विरासत, भारतीय संस्कृति और अभिव्यक्ति की कला से जोड़ने का सार्थक प्रयास किया।













