
@ एक माह का बोनस और सभी कर्मियों के ईपीएफ जमा करने की मांग पर आर-पार की लड़ाई – 120 में से करीब 60 कर्मियों के ईपीएफ जमा होने पर सवाल, चेतावनी के बावजूद नहीं जागा नगर पंचायत प्रशासन।
प्रदीप विद्रोही
कहलगांव। दुर्गा पूजा के बोनस और ईपीएफ की राशि को लेकर नगर पंचायत कहलगांव में सफाईकर्मियों का आक्रोश अब सड़कों पर उतर आया है। अपनी मांगों की अनदेखी से नाराज सफाईकर्मियों ने शनिवार, 10 अक्टूबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी है। हड़ताल शुरू होते ही शहर की सफाई व्यवस्था पर संकट गहराने लगा है। दुर्गा पूजा के मौके पर जगह-जगह गंदगी का अंबार लगने से लोगों की परेशानी बढ़ गई है।

चेतावनी दी, आवेदन सौंपा, फिर भी नहीं चेता प्रशासन!
सफाईकर्मियों का कहना है कि उन्होंने अपनी मांगों को लेकर गत 7 अक्टूबर को ही नगर पंचायत के कार्यपालक पदाधिकारी को आवेदन देकर स्पष्ट कर दिया था कि मांगें पूरी नहीं हुईं तो 10 अक्टूबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी जाएगी। इसके बावजूद प्रशासन की ओर से मांगों पर ठोस पहल नहीं होने का आरोप है। आखिरकार सफाईकर्मियों को हड़ताल का रास्ता अपनाना पड़ा।
बोनस चाहिए, ईपीएफ का हिसाब भी चाहिए!
सफाईकर्मियों की प्रमुख मांग है कि दुर्गा पूजा के अवसर पर सभी कर्मियों को एक माह का बोनस दिया जाए। उनका कहना है कि पिछले वर्ष भी बोनस का भुगतान किया गया था, इसलिए इस वर्ष भी सभी कर्मियों को इसका लाभ मिलना चाहिए। इसके साथ ही कर्मियों ने ईपीएफ की राशि नियमित रूप से जमा कराने की व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग उठाई है। उनका आरोप है कि नगर पंचायत में करीब 120 सफाईकर्मी कार्यरत हैं, लेकिन लगभग 60 कर्मियों के ईपीएफ की राशि ही एजेंसी द्वारा सही तरीके से जमा की जा रही है। ऐसे में बाकी कर्मियों के भविष्य निधि का क्या हो रहा है, यह बड़ा सवाल है। हालांकि, इस आरोप पर संबंधित एजेंसी और नगर पंचायत प्रशासन का पक्ष सामने आना बाकी है।
पर्व के समय सफाई व्यवस्था पर संकट:

दुर्गा पूजा जैसे महत्वपूर्ण पर्व के बीच सफाईकर्मियों की हड़ताल से नगर पंचायत की सफाई व्यवस्था प्रभावित होने लगी है। शहर में गंदगी बढ़ने से आम नागरिकों की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। अब सवाल यह है कि जब कर्मियों ने पहले ही लिखित सूचना देकर अपनी मांगें रख दी थीं, तो समय रहते समाधान की पहल क्यों नहीं की गई?
अब निगाहें नगर पंचायत प्रशासन पर
सफाईकर्मियों ने बोनस भुगतान और ईपीएफ जमा करने की व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग पर हड़ताल शुरू की है। फिलहाल हड़ताल समाप्त होने को लेकर कोई आधिकारिक घोषणा सामने नहीं आई है। अब देखना होगा कि नगर पंचायत प्रशासन कर्मियों की मांगों पर क्या कदम उठाता है और शहर की सफाई व्यवस्था बहाल करने के लिए कब तक ठोस पहल करता है।
आवेदन पर बबलु मेहतर, अमित मेहतर, साजन मेहतर, गुद्दर मलाक, गुड्डू मेहतर, गोविन्द्र मेहतर, अर्जुन होती, अजय मेहतर, गोविन्द मेहतर, बालजम मलिक, प्रवीर कुमार सेठ और टिंकू मलिक सहित अन्य सफाईकर्मियों के नाम दर्ज हैं।















