


प्रदीप विद्रोही
भागलपुर। जिस कैंपस में अब तक इंजीनियरिंग के छात्र किताबों और प्रैक्टिकल के बीच भविष्य की तैयारी कर रहे थे, वहां रविवार को गंगा का पानी पहुंच गया। पानी बढ़ने के साथ ही भागलपुर इंजीनियरिंग कॉलेज के हॉस्टल खाली कराने पड़े। छात्र जरूरी सामान समेटकर घर लौट रहे हैं और कॉलेज ने उनकी पढ़ाई को पटरी पर रखने के लिए अब क्लासरूम की जगह ऑनलाइन प्लेटफॉर्म को माध्यम बनाया है।
गंगा का जलस्तर बढ़ने के कारण कॉलेज परिसर में बाढ़ का पानी फैल चुका है। मुख्य द्वार के पास करीब दो फीट पानी बताया जा रहा है, जबकि हॉस्टल परिसर में पानी का स्तर करीब सात फीट तक पहुंच गया है। हालात को देखते हुए कॉलेज प्रशासन ने हॉस्टल में रह रहे छात्रों को घर भेजने का फैसला लिया।
प्रशासन के सामने इस समय सबसे बड़ी प्राथमिकता पढ़ाई नहीं, छात्रों की सुरक्षा है। जलस्तर लगातार बढ़ रहा है, भले ही पानी की रफ्तार फिलहाल बहुत तेज नहीं बताई जा रही हो। ऐसे में किसी अचानक बिगड़ती स्थिति से पहले छात्रों को सुरक्षित स्थान पर भेजना बेहतर समझा गया।

हॉस्टल से निकलते छात्र अपने जरूरी सामान के साथ घर लौट रहे हैं। कॉलेज प्रशासन ने साफ किया है कि बाढ़ की वजह से पढ़ाई पूरी तरह बंद नहीं होगी। सभी फैकल्टी को ऑनलाइन कक्षाएं संचालित करने के निर्देश दिए गए हैं। अब छात्र घर से ही अपनी पढ़ाई जारी रखेंगे।
भागलपुर इंजीनियरिंग कॉलेज के कर्मियों ने बताया कि पानी धीरे-धीरे बढ़ रहा है। छात्रों की सुरक्षा को देखते हुए उन्हें हॉस्टल खाली कर घर जाने का निर्देश पहले ही दे दिया गया था। उन्होंने बताया कि इसके बाद सभी कक्षाएं ऑनलाइन संचालित की जाएंगी और फैकल्टी को इसके लिए निर्देश दिए जा चुके हैं।
















