


नवगछिया नगर परिषद के सत्संग भवन रोड निवासी मालती देवी ने इस वर्ष भी पूरे श्रद्धा और पारंपरिक आस्था के साथ चैती छठ का व्रत परबैतनी के रूप में संपन्न किया। हर वर्ष की तरह इस बार भी उन्होंने इस पवित्र अनुष्ठान को निभाया, हालांकि इस बार उन्होंने गोपाल गौशाला जाने के बजाय अपने घर की छत पर ही व्रत पूरा किया।
इस अवसर पर उनके परिवार के सभी सदस्य उपस्थित रहे और पूरे माहौल में श्रद्धा, भक्ति और एकता का अद्भुत संगम देखने को मिला। मालती देवी के पुत्र आकाश कुमार ने बताया कि यह परंपरा उनके परिवार में वर्षों से चली आ रही है और हर साल पूरे विधि-विधान के साथ इसे निभाया जाता है।
उन्होंने कहा, “हमारे लिए चैती छठ का व्रत केवल एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि हमारी संस्कृति, परंपरा और आस्था का प्रतीक है।”
पूर्व वर्षों में परिवार गोपाल गौशाला में सामूहिक रूप से व्रत करता था, लेकिन इस बार विशेष परिस्थितियों के कारण घर की छत पर ही आयोजन किया गया। गुरुवार की संध्या को विधिपूर्वक अर्घ्य अर्पित किया गया, जिसमें आसपास के कई श्रद्धालु भी शामिल हुए और वातावरण भक्तिमय बना रहा।
मौके पर कुमारी पूनम सिंह, शिंपी सिंह, मौसम सिंह, शिल्पा देवी, मोती झा, नीलम झा, पूजा झा, रंजना देवी, सुनील कुमार, सूरज कुमार, आकाश कुमार, सुजीत सिंह, रौशन कुमार, गोलू कुमार, शानू कुमार, हर्ष कुमार, रिक्की, लक्ष्य, वर्षा, ज्योति, परी, स्वीटी, सुहानी, जाह्नवी, माधवी, ऋषव, कोयल, पूजा सिंह, वंदना सिंह सहित सैकड़ों महिला-पुरुष उपस्थित थे।
गौरतलब है कि छठ पूजा बिहार, झारखंड, उत्तर प्रदेश सहित देश के विभिन्न हिस्सों में बड़ी श्रद्धा और धूमधाम से मनाया जाता है। इस आयोजन ने यह संदेश दिया कि सच्ची आस्था के लिए स्थान नहीं, बल्कि श्रद्धा और विश्वास सबसे महत्वपूर्ण होता है।













