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7 जून को आयोजित क्षेत्रीय सम्मेलन एवं ब्लाइंड वॉक की तैयारियां तेज, सिविल कोर्ट में अधिवक्ताओं के साथ हुई जागरूकता बैठक

पूर्णिया। आगामी 7 जून को दधीचि देहदान समिति, पूर्णिया द्वारा आयोजित क्षेत्रीय सम्मेलन सह ब्लाइंड वॉक को सफल बनाने के लिए तैयारियां तेज कर दी गई हैं। इसी क्रम में मंगलवार को पूर्णिया व्यवहार न्यायालय (सिविल कोर्ट) परिसर में अधिवक्ताओं के साथ एक विशेष जागरूकता बैठक आयोजित की गई। बैठक में शहर के प्रसिद्ध सर्जन एवं दधीचि देहदान समिति के प्रदेश उपाध्यक्ष डॉ. अनिल कुमार गुप्ता ने अधिवक्ताओं को नेत्रदान, अंगदान एवं देहदान के महत्व से अवगत कराया तथा इस जनजागरूकता अभियान से जुड़ने का आह्वान किया।

बैठक में समिति के सदस्य रविंद्र साह, अधिवक्ता बबीता चौधरी सहित लगभग 40 अधिवक्ताओं ने भाग लिया। कार्यक्रम में अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष जे.एन. अंबष्ठ, सचिव सुमन कुमार, अधिवक्ता प्रमिला देवी सहित न्यायिक क्षेत्र से जुड़े कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

बैठक को संबोधित करते हुए डॉ. अनिल कुमार गुप्ता ने कहा कि अंगदान और नेत्रदान मानवता की सबसे बड़ी सेवा है। एक व्यक्ति का मरणोपरांत अंगदान कई लोगों को नया जीवन दे सकता है, जबकि नेत्रदान किसी दृष्टिहीन व्यक्ति के जीवन में रोशनी ला सकता है। उन्होंने कहा कि आज भी जागरूकता के अभाव में बड़ी संख्या में लोग अंगदान और देहदान जैसे महादान से दूर हैं, जबकि यह समाज और मानवता के लिए अमूल्य योगदान है।

उन्होंने अधिवक्ताओं से अपील करते हुए कहा कि न्याय जगत समाज का जागरूक और प्रभावशाली वर्ग है। यदि अधिवक्ता इस अभियान से जुड़कर लोगों को प्रेरित करें तो समाज में सकारात्मक बदलाव लाया जा सकता है। उन्होंने विशेष रूप से अंधापन निवारण और अंग प्रत्यारोपण की आवश्यकता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि हजारों मरीज उचित समय पर अंग नहीं मिलने के कारण जीवन संघर्ष कर रहे हैं। ऐसे में समाज के प्रत्येक व्यक्ति को इस विषय पर गंभीरता से विचार करना चाहिए।

बैठक में उपस्थित अधिवक्ताओं ने भी अंगदान एवं नेत्रदान अभियान के प्रति सकारात्मक रुख दिखाते हुए कार्यक्रम को सफल बनाने का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि मानवता की सेवा से जुड़े ऐसे अभियानों में अधिवक्ता समाज हमेशा आगे रहा है और भविष्य में भी अपनी सक्रिय भागीदारी निभाएगा।

महर्षि दधीचि के त्याग से प्रेरित है अभियान

बैठक के दौरान दधीचि देहदान समिति के इतिहास और उद्देश्यों पर भी चर्चा की गई। वक्ताओं ने बताया कि भारत में अंगदान और देहदान के प्रति जागरूकता फैलाने के उद्देश्य से वर्ष 1997 में नई दिल्ली में दधीचि देहदान समिति की स्थापना की गई थी। समिति का नाम पौराणिक काल के महान ऋषि महर्षि दधीचि के नाम पर रखा गया है, जिन्होंने लोक कल्याण और मानवता की रक्षा के लिए अपनी अस्थियों का दान कर दिया था।

समिति स्थापना काल से ही लोगों को मरणोपरांत नेत्रदान, अंगदान और देहदान के लिए प्रेरित करने का कार्य कर रही है। बिहार सहित पूर्णिया प्रमंडल में भी समिति लगातार जागरूकता अभियान चलाकर लोगों के बीच फैली भ्रांतियों को दूर करने का प्रयास कर रही है।

7 जून को जीएमसीएच परिसर में होगा क्षेत्रीय सम्मेलन और ब्लाइंड वॉक

डॉ. गुप्ता ने बताया कि 7 जून 2026 (रविवार) को प्रातः 7:30 बजे जीएमसीएच पूर्णिया परिसर में क्षेत्रीय सम्मेलन सह ब्लाइंड वॉक का आयोजन किया जाएगा। इस कार्यक्रम का उद्देश्य समाज के विभिन्न वर्गों को नेत्रदान और देहदान के प्रति जागरूक करना तथा अधिक से अधिक लोगों को इस महाअभियान से जोड़ना है।

उन्होंने समाज के सभी वर्गों, सामाजिक संगठनों, युवाओं, महिलाओं, शिक्षाविदों, चिकित्सकों, अधिवक्ताओं एवं आम नागरिकों से कार्यक्रम में भाग लेकर इस जनजागरूकता अभियान को सफल बनाने की अपील की।

बैठक के अंत में उपस्थित सभी लोगों ने नेत्रदान एवं अंगदान के प्रति जागरूकता फैलाने तथा मानवता की सेवा के इस अभियान को जन-जन तक पहुंचाने का संकल्प लिया।

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