



उदीयमान भगवान भास्कर को अर्घ्य के साथ छठ महापर्व का समापन
नवगछिया। आस्था और श्रद्धा का महापर्व छठ पूरे क्षेत्र में भक्तिभाव व उल्लास के वातावरण में संपन्न हुआ। नहाय-खाय और खरना की विधि पूर्ण होने के बाद सोमवार की संध्या को अस्ताचलगामी सूर्य को अर्घ्य अर्पित किया गया, वहीं मंगलवार की प्रातःकाल उदीयमान भगवान भास्कर को अर्घ्य देने के साथ व्रतियों ने 36 घंटे के निर्जला उपवास का पारण किया।

इस दौरान श्री सद्गुरु साईंनाथ सेवा समिति के कार्यकारी अध्यक्ष शुभम कुमार ने साईंनगर सहौरा स्थित कोशी नदी के तट पर अपने परिजनों के साथ श्रद्धाभाव से अर्घ्य अर्पित किया। घाटों पर सुबह से ही श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ने लगी। बांस की टोकरियों में पूजा सामग्री, मौसमी फल, ठेकुआ, कसर, नारियल और गन्ने से सजी अर्घ्य की तैयारी लोगों ने पूरे मनोयोग से की। व्रती नंगे पैर घाट पर पहुँचकर पूरी आस्था और निष्ठा से भगवान सूर्य एवं छठी मैया की उपासना में लीन रहे।

बिहार, झारखंड, पूर्वी उत्तर प्रदेश सहित देश के कई हिस्सों में मनाया जाने वाला यह पर्व शालीनता, सादगी और अनुशासन का अद्भुत उदाहरण है। सहौरा–मदरौनी क्षेत्र के घाटों पर सुबह से ही छठी मैया के गीत और जयघोष गूंजते रहे। हजारों श्रद्धालुओं ने लोक आस्था के इस पावन पर्व पर सूर्यदेव से परिवार व समाज की सुख-समृद्धि, संतानों की दीर्घायु और आरोग्यता की कामना की।
शांति और सौहार्द के माहौल में संपन्न हुए इस महापर्व ने क्षेत्र को एक बार फिर भक्ति और समर्पण के रंग में रंग दिया।

















