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भागलपुर। पर्यावरण संरक्षण एवं हरित विकास को बढ़ावा देने के उद्देश्य से क्षेत्रीय मुख्य वन संरक्षक, भागलपुर रीजन डॉ. एस. कुमारसामी ने गुरुवार को भागलपुर स्थित सुंदरवन परिसर में पौधरोपण किया। इस अवसर पर उन्होंने भागलपुर रीजन के भागलपुर, बांका, जमुई, शेखपुरा, पूर्णिया, कटिहार, अररिया, किशनगंज, सहरसा, मधेपुरा एवं सुपौल जिले के लोगों से ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत बड़े पैमाने पर पौधरोपण करने की अपील की।

डॉ. कुमारसामी ने कहा कि वृक्षारोपण का उद्देश्य जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों का सामना करना, वायु गुणवत्ता में सुधार लाना तथा पारिस्थितिकी तंत्र का संतुलन बनाए रखना है। उन्होंने कहा कि अत्यधिक गर्मी और अनियमित वर्षा जैसी जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों के बीच पौधरोपण के साथ-साथ पौधों का संरक्षण भी बेहद जरूरी है।
उन्होंने भागलपुर रीजन के सभी वन प्रमंडलों को व्यापक स्तर पर पौधरोपण अभियान चलाने तथा पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग की कृषि वानिकी योजनाओं में अधिक से अधिक जनभागीदारी सुनिश्चित करने के लिए किसानों एवं आम लोगों को जागरूक करने का निर्देश दिया। साथ ही जैव विविधता के संरक्षण के लिए स्थानीय एवं विलुप्तप्राय प्रजातियों के पौधे लगाने पर भी बल दिया, ताकि वन्यजीवों और पक्षियों के लिए प्राकृतिक आवास विकसित हो सके।
वन प्रमंडल पदाधिकारी भागलपुर आशुतोष राज ने कहा कि वृक्षारोपण पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ मृदा एवं जल संरक्षण के लिए भी महत्वपूर्ण है। उन्होंने बताया कि गंगा और कोसी नदी के किनारे होने वाले कटाव को रोकने में भी पेड़ों की अहम भूमिका होती है। पेड़ों की जड़ें मिट्टी को मजबूती से बांधकर भू-क्षरण रोकने और भूजल स्तर बनाए रखने में सहायक होती हैं।
वन क्षेत्र पदाधिकारी कुमार गौतम ने बताया कि विभाग की विभिन्न योजनाओं का लाभ लेने तथा पौधरोपण के लिए पौधे प्राप्त करने हेतु इच्छुक लोग मायागंज स्थित विभागीय पौधशाला से संपर्क कर सकते हैं।
कार्यक्रम में प्रशिक्षु वन क्षेत्र पदाधिकारी आशीष कुमार, वनपाल दिनेश कुमार सिंह, कुमार ज्ञानदीप तथा वनरक्षी आदित्य कुमार सिंह, अमरेश कुमार, नीरज कुमार, शुभम कुमार सहित अन्य वनकर्मी उपस्थित थे।















