
गोसाई गांव में श्रीमद्भागवत कथा के तीसरे दिन राजा परीक्षित की कथा का वर्णन, गणपति और मां संतोषी की दिव्य झांकियों ने मोहा मन
गणपति के स्वरूप में नवीन कुमार साह और मां संतोषी के रूप में नीतीश कुमार की प्रस्तुति ने श्रद्धालुओं को किया मंत्रमुग्ध, तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा कथा स्थल
नवगछिया। गोपालपुर प्रखंड क्षेत्र के गोसाई गांव स्थित गंगा तट पर आयोजित सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान यज्ञ के तीसरे दिन श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक उल्लास का अद्भुत संगम देखने को मिला। कथा के दौरान स्वामी नारायण दास जी महाराज ने राजा परीक्षित की कथा का विस्तार से वर्णन किया। वहीं, धार्मिक प्रसंगों पर आधारित दिव्य झांकियों की मनमोहक प्रस्तुति ने श्रद्धालुओं का मन मोह लिया। विशेष रूप से भगवान गणपति और मां संतोषी की झांकियों ने उपस्थित लोगों को आश्चर्यचकित कर दिया। दोनों स्वरूपों की आकर्षक प्रस्तुति पर कथा स्थल तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा।
गंगा तट के समीप आयोजित इस धार्मिक अनुष्ठान में कथा श्रवण करने के लिए श्रद्धालुओं की उपस्थिति रही। संध्या बेला में कथा और झांकियों की प्रस्तुति के दौरान वातावरण भक्तिमय बना रहा। श्रद्धालु भक्ति भाव से कथा का श्रवण करते रहे और देवी-देवताओं के दिव्य स्वरूपों के दर्शन कर आनंदित हुए।

राजा परीक्षित की कथा के माध्यम से दिया भक्ति और सदाचार का संदेश
श्रीमद्भागवत कथा के तीसरे दिन स्वामी नारायण दास जी महाराज ने राजा परीक्षित की कथा का वर्णन करते हुए श्रद्धालुओं को धर्म, भक्ति और आध्यात्मिक जीवन के महत्व से अवगत कराया। कथा के प्रसंगों के माध्यम से उन्होंने बताया कि मनुष्य के जीवन में समय का सदुपयोग, ईश्वर के प्रति श्रद्धा और सद्कर्मों का विशेष महत्व है।
राजा परीक्षित की कथा श्रीमद्भागवत महापुराण के प्रमुख प्रसंगों में से एक है। राजा परीक्षित के जीवन से जुड़ी घटनाएं मनुष्य को जीवन की नश्वरता, कर्मों के महत्व और ईश्वर की भक्ति की प्रेरणा देती हैं। कथा के माध्यम से यह संदेश मिलता है कि जीवन में कठिन परिस्थितियां आने पर भी मनुष्य को धर्म और सत्य का मार्ग नहीं छोड़ना चाहिए।
महाराज जी ने कथा प्रसंगों के माध्यम से श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक चिंतन की ओर प्रेरित किया। कथा श्रवण के दौरान श्रद्धालु भक्तिभाव में लीन नजर आए। धार्मिक प्रसंगों के वर्णन से कथा स्थल का वातावरण आध्यात्मिक ऊर्जा से परिपूर्ण दिखाई दिया।
भगवान गणपति की झांकी ने श्रद्धालुओं को किया मंत्रमुग्ध
तीसरे दिन के आयोजन का विशेष आकर्षण भगवान गणपति महाराज की दिव्य झांकी रही। भगवान गणेश के स्वरूप में गोसाई गांव के ही नवीन कुमार साह ने प्रस्तुति दी। गणपति महाराज के स्वरूप में उनकी आकर्षक प्रस्तुति को देखकर श्रद्धालु मंत्रमुग्ध हो गए।
झांकी की साज-सज्जा और प्रस्तुति ने कार्यक्रम में चार चांद लगा दिए। भगवान गणपति के स्वरूप को देखकर श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह देखने को मिला। झांकी के सामने उपस्थित लोगों ने तालियां बजाकर कलाकारों का उत्साह बढ़ाया। देखते ही देखते कथा स्थल तालियों की गूंज से भर उठा।

भगवान गणेश को विघ्नहर्ता और मंगलकारी देवता के रूप में पूजा जाता है। धार्मिक आयोजनों में उनकी झांकी श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र रहती है। गोसाई गांव में प्रस्तुत गणपति महाराज की झांकी ने भी लोगों के मन में भक्ति और उल्लास का भाव भर दिया।
मां संतोषी की झांकी ने बांधा समां, प्रस्तुति देखकर दंग रह गए लोग
भगवान गणपति की झांकी के साथ मां संतोषी की मनमोहक प्रस्तुति ने भी श्रद्धालुओं का ध्यान आकर्षित किया। मां संतोषी के स्वरूप में नीतीश कुमार ने अपनी प्रस्तुति दी। मां संतोषी के दिव्य स्वरूप और आकर्षक अंदाज को देखकर उपस्थित लोग भावविभोर हो गए।
झांकी की प्रस्तुति इतनी प्रभावशाली रही कि श्रद्धालु देर तक तालियां बजाते रहे। देवी स्वरूपों की सजीव प्रस्तुति ने धार्मिक कार्यक्रम को और भी आकर्षक बना दिया। उपस्थित लोगों ने दोनों झांकियों की सराहना की। गणपति महाराज और मां संतोषी के स्वरूपों की प्रस्तुति ने कार्यक्रम में भक्ति के साथ-साथ सांस्कृतिक रंग भी भर दिया।
धार्मिक आयोजनों में इस प्रकार की झांकियां श्रद्धालुओं को देवी-देवताओं के स्वरूपों से जोड़ने के साथ ही नई पीढ़ी को भारतीय धार्मिक और सांस्कृतिक परंपराओं से परिचित कराने का माध्यम बनती हैं। गोसाई गांव में युवाओं की ओर से प्रस्तुत इन झांकियों ने भी लोगों के बीच विशेष आकर्षण पैदा किया।
कथा, भक्ति और झांकियों से भक्तिमय हुआ गंगा तट
गंगा तट के समीप आयोजित श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान यज्ञ में कथा श्रवण के साथ धार्मिक और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों का सुंदर समन्वय देखने को मिल रहा है। स्वामी नारायण दास जी महाराज के मुखारविंद से कथा का श्रवण कर श्रद्धालु आध्यात्मिक आनंद का अनुभव कर रहे हैं। वहीं, देवी-देवताओं की झांकियां कार्यक्रम को और भव्य बना रही हैं।
तीसरे दिन राजा परीक्षित की कथा के वर्णन और गणपति महाराज तथा मां संतोषी की दिव्य झांकियों ने आयोजन को विशेष बना दिया। कथा स्थल पर उपस्थित श्रद्धालु धार्मिक वातावरण में डूबे नजर आए। झांकियों के दौरान बजती तालियों ने कलाकारों का उत्साह बढ़ाया और पूरे आयोजन में उल्लास का संचार किया।
गोसाई गांव की युवा मंडली करा रही आयोजन
गोसाई गांव की युवा मंडली की ओर से प्रत्येक वर्ष की भांति इस वर्ष भी आठवीं बार श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान यज्ञ का आयोजन किया जा रहा है। सात दिवसीय यह धार्मिक अनुष्ठान 28 अक्टूबर से 4 नवंबर तक चलेगा। आयोजन का उद्देश्य श्रद्धालुओं को श्रीमद्भागवत कथा के माध्यम से धर्म, भक्ति और आध्यात्मिक संदेशों से जोड़ना है।
गांव में आयोजित इस धार्मिक कार्यक्रम को लेकर श्रद्धालुओं में उत्साह बना हुआ है। गंगा तट के समीप कथा, भजन और धार्मिक झांकियों की प्रस्तुतियों से वातावरण भक्तिमय हो रहा है। तीसरे दिन राजा परीक्षित की कथा और भगवान गणपति तथा मां संतोषी की आकर्षक झांकियों ने श्रद्धालुओं के बीच विशेष छाप छोड़ी।















