
प्रदीप विद्रोही
भागलपुर। गंगा कटाव के मुद्दे पर पूर्व विधायक गोपाल मंडल ने पथ निर्माण मंत्री ई. कुमार शैलेन्द्र और ऊर्जा मंत्री बुलो मंडल को निशाने पर लेते हुए मंत्रियों के इस्तीफे की मांग की है। वहीं दोनों मंत्री को ‘बोका’ कहा। कटाव को लेकर जनप्रतिनिधियों की जवाबदेही पर सवाल उठाते हुए उन्होंने भागलपुर के सांसद अजय मंडल पर भी टिप्पणी की। अपने बेबाक और विवादित बयान के कारण अरसा से चर्चा में रहने वाले गोपाल ने सांसद को भी आड़े हाथों लिया। उन्हें ‘निरीह प्राणी’ बताया। गोपाल मंडल के बयान की चर्चा राजनीतिक हलकों में हो रही है। उन्होंने कहा सांसद की एक नहीं चल रही है। वह बेचारा क्या करे।

उपलब्ध जानकारी के अनुसार, गोपाल मंडल ने गंगा कटाव से प्रभावित इलाकों की स्थिति और इस मुद्दे पर जनप्रतिनिधियों की भूमिका को लेकर अपनी नाराजगी जाहिर की। उन्होंने संबंधित मंत्रियों की जिम्मेदारी पर सवाल उठाते हुए इस्तीफे की मांग की। साथ ही, सांसद अजय मंडल को लेकर भी तीखी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि लोग चीखते चिल्लाते रहे कि बेली ब्रिज छठ पर्व के बाद खोला जाए। दोनों मंत्री कुछ नहीं सुने और इस त्यौहार के मौसम में ब्रिज खोलकर जनजीवन को अस्त व्यस्त कर दिया गया। कटाव को लेकर भी ई शैलेन्द्र की कार्यशैली पर पूर्व विधायक गोपाल मंडल जमकर बरसे। बोले शैलेन्द्र ने कहा था अगर बांध टूट गया तो इस्तीफा दे देंगे। बांध तो टूट गया। अब इस्तीफा दे मंत्री शैलेन्द्र।
कटाव बना सियासी बहस का मुद्दा:
भागलपुर और आसपास के इलाकों में गंगा कटाव से लोगों के घर और जमीन प्रभावित हो रहे हैं। लोग खानाबदोश की जिंदगी जीने को मजबूर हैं। इस त्योहारी मौसम में गंगा के आर-पार की जिंदगी नारकीय हो चुकी है। कारोबारी परेशान हैं। कटाव पीड़ित परिवार मुआवजे और स्थायी पुनर्वास की मांग कर रहे हैं। ऐसे में गोपाल मंडल की टिप्पणी ने कटाव के मुद्दे पर जनप्रतिनिधियों की जवाबदेही को लेकर राजनीतिक बहस को फिर चर्चा में ला दिया है।
















