


@ सांसद ने कहा – दोनों लापता जांबाज़ों को ‘शहीद’ का दर्जा दिया जाए। 25-25 लाख रुपये की आर्थिक मदद और आश्रितों को सरकारी नौकरी मिले।
प्रदीप विद्रोही
भागलपुर। भागलपुर स्थित गंगा पार राघोपुर तटबंध को बाढ़ के कटान से बचाने के दौरान गंगा नदी में समाए दो जांबाज़ों सिकंदर मंडल और बादल कुमार मंडल की बहादुरी को लेकर अब सांसद अजय कुमार मंडल ने सीधा मोर्चा खोल दिया है। उन्होंने स्पष्ट कहा है कि यह महज़ एक हादसा या मजदूरी का काम नहीं, बल्कि हज़ारों लोगों की जान-माल बचाने के लिए दी गई एक महान कुर्बानी है।
भागलपुर से सांसद अजय कुमार मंडल ने बिहार के उप-मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, जल संसाधन मंत्री विजय कुमार चौधरी और भागलपुर के जिलाधिकारी को पत्र लिखकर पुरजोर मांग की है कि दोनों लापता जांबाज़ों को ‘शहीद’ का दर्जा दिया जाए।

प्रमुख मांगें:
‘शहीद’ का दर्जा: आपदा से लड़ते हुए अपनी जान जोखिम में डालने वाले सिकंदर मंडल और बादल कुमार मंडल को सरकारी स्तर पर ‘शहीद’ का दर्जा दिया जाए।
25-25 लाख रुपये की आर्थिक मदद: दोनों पीड़ितों के परिवारों को तत्काल 25-25 लाख रुपये की विशेष अनुग्रह राशि दी जाए।
सरकारी नौकरी: पीड़ित परिवारों को संबल देने के लिए दोनों परिवारों के एक-एक योग्य सदस्य को सरकारी नौकरी प्रदान की जाए।
मालूम हो कि बीती 26 अगस्त 2026 को नवगछिया अनुमंडल के खरीक प्रखंड स्थित राघोपुर में तटबंध टूटने की कगार पर था। हज़ारों लोगों के घर और खेत पानी में डूबने के खतरे में थे। स्थिति को देखते हुए युद्ध स्तर पर फ्लड-फाइटिंग (तटबंध मरम्मत) का काम चल रहा था। इसी दौरान मजदूरों से भरी नाव गंगा की प्रचंड धारा में पलट गई।
नाव पर सवार 21 मजदूरों में से अधिकांश सुरक्षित बाहर निकल आए लेकिन सिकंदर मंडल और बादल मंडल गंगा की तेज़ धार में लापता हो गए। व्यापक खोज अभियान के बाद भी दोनों का अब तक कोई सुराग नहीं मिल सका है।
सांसद अजय कुमार मंडल ने कहा है कि जब लोग अपनी जान बचाकर भाग रहे थे, तब ये दोनों वीर दूसरों के आशियाने बचाने में जुटे थे। पूरा क्षेत्र इनकी शहादत को नमन कर रहा है और अब गेंद राज्य सरकार के पाले में है कि वह इन जांबाज़ों के परिवारों को न्याय और सम्मान दे।
















