


@ राघोपुर तटबंध पर पहुंचीं बिहपुर की पूर्व महागठबंधन प्रत्याशी, लापता श्रमिकों की खोज से लेकर स्थायी कटावरोधी योजना तक सरकार के सामने रखीं कई मांगें।
प्रदीप विद्रोही
भागलपुर। गंगा का जलस्तर और राघोपुर तटबंध का कटाव भले ही प्राकृतिक संकट हो, लेकिन समय रहते वैज्ञानिक अध्ययन और ठोस तैयारी नहीं होना अब प्रशासनिक जवाबदेही का सवाल बनता जा रहा है। इसी मुद्दे को लेकर बिहपुर विधानसभा की पूर्व महागठबंधन प्रत्याशी अर्पणा कुमारी रविवार को खरीक प्रखंड के राघोपुर तटबंध के कटाव प्रभावित इलाकों में पहुंचीं। उन्होंने ब्रह्म बाबा स्थान, चैती मां दुर्गा स्थान और कटाव स्थल का जायजा लिया तथा प्रभावित ग्रामीणों से सीधे संवाद कर उनकी समस्याएं सुनीं। निरीक्षण के दौरान जल संसाधन विभाग के अधिकारियों के साथ जिला एवं अनुमंडल स्तर के पदाधिकारी, एसडीएम, कार्यपालक अभियंता समेत अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
‘27 जुलाई को संकेत मिल गए थे, फिर वैज्ञानिक अध्ययन क्यों नहीं?’
अर्पणा कुमारी ने सवाल उठाया कि 27 जुलाई से ही कटाव के स्पष्ट संकेत मिलने के बावजूद समय रहते आवश्यक वैज्ञानिक और तकनीकी अध्ययन क्यों नहीं कराया गया। उनका कहना है कि यदि उसी समय जल-विज्ञान एवं हाइड्रोलॉजिकल सर्वे कराया जाता, तो गंगा के अंदरूनी कटाव की वास्तविक स्थिति का पहले ही पता लगाया जा सकता था और उसके अनुरूप बचाव की रणनीति तैयार की जा सकती थी।

699 करोड़ के खर्च के बाद भी वही सवाल;
कटावरोधी कार्यों पर हुए खर्च को लेकर भी उन्होंने सरकार से जवाब मांगा। उनके अनुसार, 2005 से 2019 तक नवगछिया अनुमंडल क्षेत्र में कटावरोधी कार्यों पर लगभग 699 करोड़ रुपये खर्च किए गए, जबकि 2026 में भी लगभग 5 करोड़ रुपये के कार्य कराए जा रहे हैं। इसके बावजूद राघोपुर में कटाव की समस्या खत्म नहीं हुई।
दो श्रमिक लापता, परिवारों के लिए तत्काल सहायता की मांग:
नाव दुर्घटना में लापता बादल कुमार और सिकंदर मंडल को लेकर अर्पणा कुमारी ने सरकार से युद्धस्तर पर खोज अभियान चलाने की मांग की। उनके परिजनों को केवल आश्वासन नहीं बल्कि तत्काल सरकारी सहायता की जरूरत है।
उन्होंने सरकार के सामने चार प्रमुख मांगें रखीं – लापता दोनों श्रमिकों की तत्काल खोज कराई जाए।उनके परिवारों को आर्थिक सहायता और सभी देय मुआवजा दिया जाए।दोनों परिवारों के एक-एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने पर गंभीरता से विचार किया जाए।कटावरोधी कार्यों में लगे सभी श्रमिकों को लाइफ जैकेट समेत जरूरी सुरक्षा उपकरण उपलब्ध कराए जाएं।
जहान्वी चौक से गोपालपुर तक बढ़े गंगा पथ:
अर्पणा कुमारी ने बेगूसराय से नवगछिया के जहान्वी चौक तक प्रस्तावित गंगा पथ/मरीन ड्राइव को आगे बढ़ाकर गोपालपुर विधानसभा क्षेत्र के उत्तरी छोर तक जोड़ने की मांग भी उठाई। उनके मुताबिक जिस क्षेत्र में माघी पूर्णिमा का प्रसिद्ध मेला लगता है, वहां तक सड़क संपर्क मजबूत होने से पूरे उत्तरी गंगा क्षेत्र को लाभ मिलेगा। उन्होंने इस मार्ग को कटरिया – बटेश्वर रेल-सड़क: परियोजना से जोड़ने की भी मांग की, ताकि क्षेत्र में बेहतर सड़क संपर्क के साथ-साथ बाढ़ और कटाव की समस्या से दीर्घकालिक सुरक्षा की दिशा में काम हो सके।
‘मां गंगा का रौद्र रूप शांत हो, लेकिन अब सिर्फ प्रार्थना से काम नहीं चलेगा’
निरीक्षण के दौरान अर्पणा कुमारी ने मां गंगा से प्रार्थना करते हुए कहा कि ‘मां गंगा का रौद्र रूप शांत हो।’ लेकिन इसके साथ उन्होंने सरकार को स्पष्ट संदेश भी दिया कि अब केवल प्रार्थना से काम नहीं चलेगा।उन्होंने कहा कि ‘अब जवाबदेही और स्थायी समाधान जरूरी है।’ अर्पणा कुमारी ने सरकार से राघोपुर तटबंध कटाव की परिस्थितियों और विभागीय कार्यप्रणाली की जांच कराने, लापरवाही पाए जाने पर जिम्मेदारी तय कर कार्रवाई करने तथा गंगा के उत्तरी क्षेत्र के लिए स्थायी बाढ़ एवं कटाव सुरक्षा की ठोस कार्ययोजना तैयार करने की मांग की। राघोपुर का सवाल अब सिर्फ कटाव रोकने का नहीं, बल्कि वर्षों से खर्च हो रहे सरकारी धन के बाद भी समस्या जस की तस क्यों है – इसका जवाब खोजने का भी है।

















