


क्विज, पोस्टर एवं भाषण प्रतियोगिता के विजेताओं को किया गया सम्मानित, प्राचार्य ने गुणवत्तापूर्ण एवं रोजगारोन्मुखी शिक्षा पर दिया बल
नवगछिया । राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के छह वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में जी. बी. कॉलेज, नवगछिया में 1 से 5 अगस्त 2026 तक आयोजित पाँच दिवसीय “अखिल भारतीय शिक्षा समागम” का बुधवार को सफलतापूर्वक समापन हो गया। समापन समारोह की अध्यक्षता महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. सत्येन्द्र कुमार ने की। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं, शिक्षकों एवं शिक्षकेत्तर कर्मियों ने भाग लिया।

अपने अध्यक्षीय संबोधन में प्राचार्य प्रो. सत्येन्द्र कुमार ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 भारतीय ज्ञान परंपरा, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, कौशल विकास, अनुसंधान, नवाचार तथा रोजगारोन्मुखी शिक्षा को नई दिशा प्रदान कर रही है। उन्होंने विद्यार्थियों से शिक्षा के साथ नैतिक मूल्यों, तकनीकी दक्षता, अनुसंधान की प्रवृत्ति और सामाजिक उत्तरदायित्व को अपने जीवन का हिस्सा बनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि नई शिक्षा नीति का उद्देश्य विद्यार्थियों को केवल डिग्री तक सीमित रखना नहीं, बल्कि उन्हें आत्मनिर्भर, नवाचारी और वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाना है।
समापन सत्र में डॉ. फिरोज अहमद ने विद्यार्थियों को राष्ट्रीय शिक्षा नीति के प्रमुख प्रावधानों की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बहुविषयक शिक्षा, कौशल विकास, अनुसंधान, नवाचार तथा कृत्रिम बुद्धिमत्ता (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) के बढ़ते महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि वर्तमान समय में तकनीक आधारित शिक्षा भविष्य की सबसे बड़ी आवश्यकता है। उन्होंने विद्यार्थियों को नई तकनीकों के साथ स्वयं को लगातार अद्यतन रखने की सलाह दी।
पाँच दिवसीय शिक्षा समागम के दौरान विशेष व्याख्यान, संगोष्ठी, पैनल चर्चा, संवाद, अनुसंधान एवं नवाचार, भारतीय ज्ञान परंपरा, कौशल विकास तथा छात्र-केंद्रित गतिविधियों का आयोजन किया गया। इन कार्यक्रमों के माध्यम से विद्यार्थियों को राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 की मूल भावना, उद्देश्यों और उसके व्यावहारिक स्वरूप से परिचित कराया गया।
समापन अवसर पर आयोजित क्विज, पोस्टर एवं भाषण प्रतियोगिता के विजेताओं को सम्मानित किया गया। उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए प्रहलाद कुमार, खुशी कुमारी, मो. प्रिंस आलम, मो. अंजार आलम, कोमल भगत, जूली कुमारी, उम्मती खातून, पल्लवी कुमारी, कुणाल कुमार, आशीष कुमार, भारती, बाजिगा, उजमा एवं मसीहा को पुरस्कार प्रदान कर उनकी प्रतिभा का सम्मान किया गया।
कार्यक्रम में डॉ. मो. अर्सदुज्जमा, डॉ. सुनील कुमार, डॉ. खालिदा नाज़, मुकेश पोद्दार सहित महाविद्यालय के अनेक शिक्षक एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन डॉ. दिव्य प्रियदर्शी ने किया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन डॉ. मो. मोसर्रत हुसैन ने किया।
महाविद्यालय प्रशासन ने बताया कि इस प्रकार के शैक्षणिक आयोजन विद्यार्थियों में नई शिक्षा नीति के प्रति जागरूकता बढ़ाने के साथ-साथ उनके व्यक्तित्व विकास, शोध क्षमता और कौशल संवर्धन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
















