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परिवहन कर्मियों को दिया गया विशेष प्रशिक्षण

पूर्णिया। जी. डी. गोयनका पब्लिक स्कूल, पूर्णिया में सड़क सुरक्षा जागरूकता सप्ताह के अंतर्गत विद्यालय के बस चालकों, सह-चालकों, कंडक्टरों एवं एस्कॉर्ट दीदियों के लिए विशेष प्रशिक्षण एवं जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यालय परिवहन से जुड़े सभी कर्मियों को यातायात नियमों, सुरक्षित वाहन संचालन एवं विद्यार्थियों की सुरक्षा के प्रति अधिक जागरूक एवं उत्तरदायी बनाना था।

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कार्यक्रम का आयोजन पूर्णिया ट्रैफिक पुलिस के सहयोग से किया गया। इस अवसर पर ट्रैफिक डीएसपी रंजन कुमार सिंह मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे, जबकि ट्रैफिक इंस्पेक्टर सुनील कुमार राय विशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल हुए। विद्यालय परिवार द्वारा दोनों अधिकारियों का अंगवस्त्र एवं स्मृति-चिह्न भेंट कर स्वागत किया गया।

अपने संबोधन में ट्रैफिक डीएसपी रंजन कुमार सिंह ने कहा कि सड़क सुरक्षा केवल कानूनी विषय नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक का सामाजिक एवं नैतिक दायित्व है। उन्होंने कहा कि विद्यालय बस चालक केवल वाहन नहीं चलाते, बल्कि अभिभावकों के विश्वास और बच्चों के भविष्य की जिम्मेदारी भी निभाते हैं। उन्होंने सभी चालकों से यातायात नियमों का पालन करने, निर्धारित गति सीमा में वाहन चलाने, वाहन चलाते समय मोबाइल फोन का उपयोग न करने तथा बच्चों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने की अपील की।

ट्रैफिक इंस्पेक्टर सुनील कुमार राय ने सुरक्षित वाहन संचालन, सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम, विद्यालय बसों के संचालन के दौरान बरती जाने वाली सावधानियों तथा आपातकालीन परिस्थितियों में अपनाए जाने वाले उपायों पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि चालक, सह-चालक, कंडक्टर एवं एस्कॉर्ट दीदियों की सतर्कता ही बच्चों की सुरक्षित यात्रा की सबसे बड़ी गारंटी है।

इस अवसर पर विद्यालय के चेयरमैन डॉ. पीयूष अग्रवाल, वाइस चेयरमैन श्री शैलेन्द्र गुप्ता, डायरेक्टर प्रिंसिपल श्रीमती पुलोमा नंदी, एडमिनिस्ट्रेटर श्री प्रीतम दास तथा सीनियर एकेडमिक कोऑर्डिनेटर श्री त्रिवेणी प्रसाद पांडेय भी उपस्थित रहे।

अपने संबोधन में चेयरमैन डॉ. पीयूष अग्रवाल ने कहा कि जी. डी. गोयनका पब्लिक स्कूल केवल गुणवत्तापूर्ण शिक्षा ही नहीं, बल्कि विद्यार्थियों की सुरक्षा, अनुशासन और नैतिक मूल्यों को भी सर्वोच्च प्राथमिकता देता है। उन्होंने परिवहन कर्मियों को भविष्य निधि (पीएफ) एवं कर्मचारी राज्य बीमा (ईएसआई) जैसी योजनाओं की जानकारी देते हुए कहा कि कर्मचारियों का सामाजिक एवं आर्थिक संरक्षण विद्यालय की प्राथमिक जिम्मेदारी है।

कार्यक्रम के दौरान सभी बस चालकों, सह-चालकों, कंडक्टरों एवं एस्कॉर्ट दीदियों को सड़क सुरक्षा की शपथ दिलाई गई। सभी ने संकल्प लिया कि वे यातायात नियमों का पालन करेंगे तथा विद्यार्थियों की सुरक्षा को अपनी सर्वोच्च जिम्मेदारी मानेंगे।

विद्यालय प्रबंधन ने कहा कि इस प्रकार के प्रशिक्षण कार्यक्रम समय-समय पर आयोजित किए जाते रहेंगे, ताकि विद्यार्थियों के लिए सुरक्षित, अनुशासित एवं जिम्मेदारीपूर्ण परिवहन व्यवस्था सुनिश्चित की जा सके।

कार्यक्रम का समापन “सुरक्षित वाहन, सुरक्षित विद्यार्थी” के संदेश के साथ हुआ।

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