


नवगछिया। अनुमंडलीय अस्पताल में उस समय हड़कंप मच गया, जब एक युवक सांप के डंसने के बाद उसी जिंदा सांप को डिब्बे में बंद कर अस्पताल पहुंच गया। युवक की सूझबूझ और साहस को देखकर अस्पताल कर्मी भी हैरान रह गए।
घायल युवक की पहचान गोपालपुर थाना क्षेत्र के तीनटंगा दियारा स्थित ज्ञानीदास टोला निवासी धर्मेंद्र कुमार पासवान (पिता- परमानंद पासवान) के रूप में हुई है।
जानकारी के अनुसार धर्मेंद्र कुमार पासवान खेत से काम कर घर लौट रहे थे। इसी दौरान रास्ते में एक विषैले करैत सांप ने उन्हें डंस लिया। सांप के काटने के बाद घबराने के बजाय धर्मेंद्र ने साहस दिखाते हुए सांप को पकड़ लिया और एक डिब्बे में बंद कर दिया। इसके बाद उन्होंने अपने परिजनों को घटना की जानकारी दी।
धर्मेंद्र के भाई उन्हें बाइक से लेकर तुरंत नवगछिया अनुमंडलीय अस्पताल पहुंचे। अस्पताल पहुंचने पर जब लोगों ने घायल युवक के हाथ में सांप से भरा डिब्बा देखा तो वहां मौजूद कर्मियों और मरीजों के बीच अफरा-तफरी मच गई। आनन-फानन में चिकित्सकों ने युवक को इमरजेंसी वार्ड में भर्ती कर उपचार शुरू किया।
चिकित्सकों ने समय पर इलाज शुरू कर युवक की स्थिति को नियंत्रित कर लिया। अस्पताल में उपचार के दौरान सांप डिब्बे में बंद रहा, जिसे देखने के लिए लोगों की भीड़ जुट गई। कई घंटे चिकित्सकीय निगरानी में रखने के बाद युवक की हालत सामान्य होने पर उसे अस्पताल से छुट्टी दे दी गई।
धर्मेंद्र ने बताया कि वह सांप को मारना नहीं चाहते थे, इसलिए उपचार के बाद उसे किसी सुरक्षित और खुले स्थान पर छोड़ने की योजना है।
स्थानीय लोगों ने युवक की सूझबूझ की सराहना करते हुए कहा कि समय पर अस्पताल पहुंचने और तुरंत इलाज मिलने से उसकी जान बच सकी। वहीं चिकित्सकों ने लोगों से अपील की कि सांप काटने की स्थिति में झाड़-फूंक के चक्कर में न पड़ें और तुरंत नजदीकी अस्पताल पहुंचकर इलाज कराएं।
















