


आर्ट एंड क्राफ्ट शिविर में दिखी रचनात्मकता
प्रदीप विद्रोही
भागलपुर। कला जब हुनर से मिलती है तो सृजन की नई तस्वीर सामने आती है। एसएम कॉलेज के गृह विज्ञान विभाग में आयोजित तीन दिवसीय आर्ट एंड क्राफ्ट शिविर के समापन पर कुछ ऐसा ही नजारा देखने को मिला। छात्राओं ने अपनी कल्पनाशीलता को रंगों और शिल्प का रूप देकर न सिर्फ कलात्मक प्रतिभा दिखाई, बल्कि आत्मनिर्भर बनने की दिशा में अपने कदम भी बढ़ाए।
शिविर में छात्राओं को वर्ली आर्ट, ट्राइबल क्वीन फ्लावर पॉट, लिपन आर्ट और स्टैम्प पेंटिंग सहित कई हस्तकला एवं शिल्पकलाओं का प्रशिक्षण दिया गया। प्रशिक्षण के दौरान छात्राओं में खासा उत्साह देखा गया और उन्होंने विभिन्न कलाकृतियों के माध्यम से अपनी रचनात्मक सोच को सामने रखा।
आयोजित प्रतियोगिता में मरियम ने प्रथम, आयुषी सिंह ने द्वितीय और आर्या कुमारी ने तृतीय स्थान हासिल किया। उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली छात्राओं को कॉलेज की प्राचार्या डॉ. निशा झा ने मेडल और प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया।
समापन समारोह को संबोधित करते हुए प्राचार्या डॉ. निशा झा ने कहा कि रचनात्मक और सृजनात्मक गतिविधियां छात्राओं के कला-कौशल को निखारने के साथ उनके मानसिक एवं बौद्धिक विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। ऐसे प्रशिक्षण से छात्राएं अपने हुनर को रोजगार और आत्मनिर्भरता का माध्यम बना सकती हैं।
उन्होंने सभी प्रतिभागी छात्राओं को शुभकामनाएं देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
कार्यक्रम में विश्वविद्यालय पीआरओ डॉ. दीपक कुमार दिनकर, गृह विज्ञान विभागाध्यक्ष डॉ. लक्ष्मी पांडेय, सहायक प्राध्यापक डॉ. प्रकाश शाह, डॉ. कुसुम और डॉ. गीता सहित अन्य शिक्षक एवं गणमान्य लोग मौजूद रहे।
तीन दिनों तक चले इस शिविर ने छात्राओं को किताबों की पढ़ाई से इतर हाथों के हुनर, कल्पना और सृजन की दुनिया से रूबरू कराया। यही हुनर भविष्य में उनके लिए आत्मनिर्भरता की नई राह खोल सकता है।
















