


प्रदीप विद्रोही
भागलपुर। भागलपुर की सड़कों पर शनिवार को निकली सद्भावना यात्रा महज एक पदयात्रा नहीं रही, बल्कि शहर की साझा संस्कृति और सामाजिक एकता का जीवंत संदेश बन गई। अंबेदकर चौक से शुरू हुई इस यात्रा में बुद्धिजीवी, समाजसेवी और विभिन्न वर्गों के लोग साथ-साथ चले। यात्रा जैसे-जैसे आगे बढ़ी, वैसे-वैसे भाईचारे और सर्वधर्म समभाव का संदेश भी लोगों तक पहुंचता गया।
शाह मार्केट पहुंचने पर यात्रा का खानकाह शाह फकरे आलम हसन ने गर्मजोशी से स्वागत किया। इस पड़ाव ने यात्रा को खास बना दिया। गांधी शांति प्रतिष्ठान केंद्र के अध्यक्ष प्रकाश चंद्र गुप्ता ने कहा कि पीर दमड़िया खानकाह का यह स्थल भागलपुर की गंगा-जमुनी तहजीब और सर्वधर्म समभाव की मिसाल है। महात्मा गांधी आगमन शताब्दी समारोह के स्वागताध्यक्ष डॉ. शंभू दयाल खेतान ने कहा कि शाह साहब द्वारा किया गया स्वागत हिंदू-मुस्लिम एकता की मजबूत तस्वीर पेश करता है।
यात्रा गांधी शांति प्रतिष्ठान केंद्र पहुंची, जहां महात्मा गांधी, स्वतंत्रता सेनानी बोध नारायण मिश्र और दामिनी देवी की प्रतिमाओं पर पुष्पांजलि अर्पित की गई। यात्रा की अध्यक्षता कर रहे प्रो. (डॉ.) रतन कुमार मंडल ने कहा कि ऐसे आयोजन समाज में बढ़ती दूरियों को कम करने और सामाजिक समरसता को मजबूत करने का माध्यम बनते हैं। डॉ. फारूक अली ने युवाओं से सामाजिक और रचनात्मक आयोजनों में सक्रिय भागीदारी की अपील की।
शताब्दी समारोह समिति के संयोजक डॉ. सुधीर मंडल ने कहा कि मौजूदा दौर में जाति, धर्म और अन्य भेदभाव से ऊपर उठकर समाज और देश के लिए काम करने की आवश्यकता है। यात्रा में डॉ. मनोज कुमार, डॉ. मनोज मीता, कमल जायसवाल, डॉ. सुनील अग्रवाल, सत्य नारायण मंडल, सुबोध मंडल, अरविंद कुमार रामा, संजय कुमार, मदन राय, राम धीरज सिंह, उमा घोष, मृदुला सिंह, भवानंद, उदय, अनीता शर्मा, वीणा सिन्हा, मनीष आर्यन, कर्ण कुमार राणा समेत बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए।
महिला शिक्षा को बताया सशक्तिकरण की पहली सीढ़ी
कार्यक्रम के दूसरे सत्र में महिला सशक्तिकरण पर विचार गोष्ठी हुई। डॉ. सुजाता चौधरी की अध्यक्षता और लता परासर के संचालन में हुई गोष्ठी में वक्ताओं ने महिलाओं की शिक्षा को उनके सशक्तिकरण की बुनियाद बताया। प्रसून लतांत ने विषय प्रवेश कराया, जबकि पूजा सिन्हा ने अतिथियों का स्वागत किया।
संतोष बंसल, लीला पवार, अर्पणा कुमारी, सुष्मिता जेना, सष्मिता मलिक, उषा और किरण सिंह समेत अन्य वक्ताओं ने महिलाओं की शिक्षा और आत्मनिर्भरता पर जोर दिया। इस दौरान समाज के विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान देने वाली महिला हस्तियों को सम्मानित भी किया गया।
युवाओं में हिंसा और नशे पर भी हुई गंभीर चर्चा
कार्यक्रम के पहले दिन शुक्रवार को हिंसा और नशे की गिरफ्त में फंस रहे युवाओं को इससे बाहर निकालने के उपायों पर विचार-विमर्श हुआ। डॉ. फारूक अली की अध्यक्षता और डॉ. सुनील अग्रवाल के संचालन में आयोजित तकनीकी सत्र में प्रो. विजय कुमार, उदय, डॉ. रविशंकर प्रसाद चौधरी और डॉ. उमेश प्रसाद ने अपने विचार रखे।
इसी अवसर पर डॉ. रविशंकर प्रसाद चौधरी द्वारा लिखित पुस्तक ‘शहीद महेंद्र गोप’ का लोकार्पण किया गया। डॉ. चौधरी ने शहीद महेंद्र गोप और शहीद सतीश प्रसाद झा के जीवन और उनके योगदान पर विस्तार से प्रकाश डाला।

















