


नवगछिया : नमामि गंगे कार्यक्रम, इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टूरिज्म एंड ट्रैवल मैनेजमेंट (IITTM) तथा वाइल्डलाइफ इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया (WII) की संयुक्त टीम ने भागलपुर में जलज डॉल्फिन सफारी का भ्रमण किया। टीम ने गंगा नदी में संचालित इस पहल को ईको-टूरिज्म का एक उत्कृष्ट उदाहरण बताया।

भ्रमण के दौरान जलज परियोजना के सहायक समन्वयक राहुल कुमार राज ने बताया कि यह सफारी पर्यटन और संरक्षण का संतुलित मॉडल है। इसके माध्यम से पर्यटकों को जलीय जीवों, विशेषकर गंगा डॉल्फिन के संरक्षण के प्रति जागरूक किया जाता है। साथ ही, इस पहल से स्थानीय लोगों को रोजगार के अवसर मिल रहे हैं, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति में सुधार हो रहा है। उन्होंने कहा कि जलज डॉल्फिन सफारी सतत पर्यटन का एक प्रभावी उदाहरण बनकर उभर रही है।

इसके बाद टीम के सदस्यों ने भागलपुर के गंगा तट पर आयोजित गंगा आरती में भाग लिया। इस दौरान “नमामि गंगे” अभियान के उद्देश्यों—स्वच्छ, अविरल और निर्मल गंगा—का संदेश जन-जन तक पहुंचाया गया।
टीम में प्रियंका झा, एकता शर्मा, मुकेश देवरारी, उतरन बंधु उपाध्याय तथा असगर अली शामिल थे।
यह पहल गंगा संरक्षण, सतत पर्यटन के विकास और स्थानीय समुदाय के सशक्तिकरण की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
















