


पूर्णिया। पूर्णिया पूर्व प्रखंड अंतर्गत दीवानगंज पंचायत भवन में मंगलवार को आयोजित जनकल्याण सहयोग शिविर का निरीक्षण सदर विधायक विजय खेमका ने प्रखंड विकास पदाधिकारी (बीडीओ) एवं अंचलाधिकारी (सीओ) की उपस्थिति में किया। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने विधायक को जानकारी दी कि शिविर में विभिन्न विभागों से संबंधित कुल 167 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें से 142 आवेदनों का मौके पर ही निष्पादन कर दिया गया।
शिविर के दौरान विधायक विजय खेमका ने लाभुकों के बीच हेल्थ कार्ड, जॉब कार्ड एवं जन्म प्रमाण पत्र का वितरण किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि प्रत्येक माह के प्रथम एवं तृतीय सप्ताह के मंगलवार को आयोजित होने वाला जनकल्याण सहयोग शिविर आम जनता की समस्याओं के समाधान के लिए एनडीए सरकार की एक महत्वपूर्ण पहल है। इसका उद्देश्य लोगों को सरकारी योजनाओं का लाभ उनके घर के नजदीक उपलब्ध कराना तथा उनकी समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित करना है।
विधायक ने शिविर में उपस्थित नागरिकों से सीधे संवाद कर उनकी समस्याओं की जानकारी ली और उन्हें संबंधित विभागों के काउंटरों पर आवेदन देकर अपनी समस्याओं के समाधान के लिए आगे आने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि सरकार की स्पष्ट मंशा है कि आम लोगों को छोटी-छोटी समस्याओं के समाधान के लिए सरकारी कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें और पंचायत स्तर पर ही उनकी समस्याओं का निवारण सुनिश्चित हो।
अपने संबोधन में विधायक श्री खेमका ने ग्रामीणों से अपील करते हुए कहा कि वे जनकल्याण सहयोग शिविर का अधिक से अधिक लाभ उठाएं और सरकार द्वारा संचालित योजनाओं से जुड़कर अपने अधिकारों एवं सुविधाओं का लाभ प्राप्त करें। उन्होंने कहा कि ऐसे शिविर प्रशासन और जनता के बीच संवाद का मजबूत माध्यम बन रहे हैं।
निरीक्षण के दौरान विधायक ने बिजली विभाग के अधिकारियों को क्षेत्र में जर्जर बिजली तार, क्षतिग्रस्त पोल एवं खराब ट्रांसफार्मरों को शीघ्र दुरुस्त करने का निर्देश दिया। साथ ही लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग (पीएचईडी) के अधिकारियों को नल-जल योजना से संबंधित समस्याओं का जल्द समाधान सुनिश्चित करने को कहा।
शिविर में मुखिया, वार्ड सदस्य, विभिन्न जनप्रतिनिधि, कार्यकर्ता एवं बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे। विधायक ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि शिविर में प्राप्त सभी लंबित आवेदनों का समयबद्ध निष्पादन सुनिश्चित किया जाए तथा जनता की समस्याओं के समाधान में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
















